Highlights:
खातेगांव TI दिलीप पुरी की हत्या को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला।
खंडवा कांग्रेस ने मध्यप्रदेश सरकार पर कानून व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाया।
डॉ. मुनीश मिश्रा बोले- प्रदेश में कानून का नहीं, माफिया का राज है।
अमिताभ मंडलोई ने माफिया को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
Khategaon TI Dilip Puri Murder : देवास जिले के खातेगांव में शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी दिलीप पुरी की हत्या के बाद मध्यप्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस घटना को लेकर प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और कानून की रक्षा करने वाले पुलिस अधिकारी तक सुरक्षित नहीं हैं।
खंडवा के पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुनीश मिश्रा ने घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में कानून का राज नहीं, बल्कि माफिया राज चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अराजकता और माफियाओं का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी की जान जाना बिगड़ती कानून व्यवस्था का गंभीर उदाहरण है। मिश्रा ने सरकार से प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
खंडवा लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे अमिताभ मंडलोई ने भी खातेगांव की घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और उन्हें सरकार का संरक्षण मिल रहा है। मंडलोई के मुताबिक, माफिया पर अंकुश लगाना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन लगातार सामने आ रही घटनाएं उसकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं।
घटना के बाद प्रदेश सरकार ने मृतक TI दिलीप पुरी के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने और उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। हालांकि, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आर्थिक सहायता और नौकरी की घोषणा से माफियाओं का आतंक खत्म नहीं होगा। उनका तर्क है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है।
खातेगांव की घटना के बाद प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। खंडवा कांग्रेस नेताओं ने सरकार से पूछा है कि माफियाओं के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं और उन्हें रोकने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे। पार्टी ने माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।