

Highlights:
TI दिलीप पुरी की मौत के मामले में मुख्य आरोपी राहुल जायसवाल गिरफ्तार।
कांग्रेस के खातेगांव विधानसभा प्रभारी ने शराब कारोबार में 30% हिस्सेदारी कबूली।
डीजी उपेंद्र जैन ने आरोपी का वीडियो जारी किया।
हरदा से गुजरात तक फैला था अवैध शराब तस्करी का नेटवर्क।
Dewas TI Dilip Puri Death Case Update : देवास के खातेगांव TI दिलीप पुरी की मौत के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अवैध शराब तस्करी के इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी राहुल जायसवाल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
राहुल जायसवाल ने पूछताछ के दौरान अवैध शराब के कारोबार में अपनी 30 प्रतिशत हिस्सेदारी होने की बात स्वीकार की है। डीजी उपेंद्र जैन ने राहुल का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें वह शराब के कारोबार में अपनी भूमिका और साझेदारों के बारे में जानकारी देता नजर आ रहा है।
गिरफ्तार मुख्य आरोपी राहुल जायसवाल हरदा जिले के टिमरनी का रहने वाला है। वह वर्तमान में कांग्रेस से खातेगांव विधानसभा का प्रभारी है। राहुल 2018 से 2024 तक हरदा जिला युवक कांग्रेस का अध्यक्ष भी रह चुका है। TI दिलीप पुरी की मौत के बाद जब राहुल का नाम अवैध शराब कारोबार से जुड़ा, तब उसने एक वीडियो जारी कर कारोबार से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया था। उसने कहा था कि उसके नाम पर शराब का कोई लाइसेंस नहीं है और वह बसों व पेट्रोल पंप का कारोबार करता है।
पुलिस की गिरफ्तारी के बाद सामने आए वीडियो में राहुल ने पुलिस पूछताछ में शराब कारोबार में अपनी हिस्सेदारी स्वीकार की है। उसके मुताबिक, अवैध शराब के कारोबार में पातेंद्र जायसवाल की 10 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि राहुल जायसवाल, मनीष जायसवाल और मोहीन जायसवाल की 30-30 प्रतिशत भागीदारी है। शराब का ठेका बड़वानी जिले के रहने वाले पातेंद्र जायसवाल के नाम पर बताया गया है।
राहुल ने पुलिस को बताया कि मनीष जायसवाल इंदौर, मोहीन जायसवाल गुजरात और पातेंद्र जायसवाल बड़वानी में रहता है। वह खुद हरदा में रहकर गुजरात तक अवैध शराब की तस्करी के नेटवर्क का संचालन करता था। पुलिस ने इंदौर निवासी विजय राव को भी हिरासत में लिया है। उसने भी राहुल के लिए काम करने की बात स्वीकार की है। राहुल के खिलाफ हरदा जिले में कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है।
अवैध शराब नेटवर्क का खुलासा होने के बाद पांच जिलों के पुलिस अधीक्षकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में टीमें गठित कर दबिश देना शुरू कर दिया है। देवास पुलिस अधीक्षक ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और शराब की सप्लाई चेन की जानकारी जुटा रही है।
1 नवंबर 2026 की देर रात पुलिस को सूचना मिली थी कि हरदा के टिमरनी से गुजरात के लिए आयशर वाहन (MP43 H 4786) में बड़ी मात्रा में अवैध शराब ले जाई जा रही है। सूचना पर कन्नौद के ASP ने चार टीमें गठित की थीं। नाकेबंदी के दौरान देवास के संदलपुर फाटा स्थित नर्मदा ढाबे के सामने वाहन खड़ा मिला।
खातेगांव TI दिलीप पुरी ने चालक को नीचे उतरकर वाहन की तलाशी देने के लिए कहा। इसी दौरान चालक ने वाहन की रफ्तार बढ़ा दी। वाहन की चपेट में आने से TI दिलीप पुरी की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने शराब से भरा वाहन जब्त कर लिया था। अब इस मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और उसके कबूलनामे से अवैध शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आई है।