Khandwa SDERF Mock Drill : खंडवा में किसी भी तरह की आपदा या आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को SDERF ने मॉक ड्रिल की। अभ्यास के दौरान एक आकस्मिक आपदा का परिदृश्य तैयार किया गया और टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। इस दौरान सुरक्षित निकासी से लेकर घायलों को प्राथमिक उपचार देने तक की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल में SDERF टीम ने सबसे पहले घटनास्थल का जायजा लेकर स्थिति का आकलन किया। इसके बाद निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों और उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए बचाव कार्य शुरू किया गया। टीम के सदस्यों ने आपदा के दौरान फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी प्रदर्शित की।
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य वास्तविक आपदा के समय राहत-बचाव कार्य में होने वाली चुनौतियों को पहले से परखना रहा। मॉक ड्रिल के जरिए टीम की प्रतिक्रिया की गति, मौके पर लिए जाने वाले फैसलों और अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय को जांचा गया। अधिकारियों ने रेस्क्यू के दौरान इस्तेमाल किए गए उपकरणों और संसाधनों की कार्यक्षमता का भी निरीक्षण किया।
मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस अधिकारियों ने मौके पर चल रहे पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन का निरीक्षण किया। अभ्यास के जरिए यह भी देखा गया कि किसी वास्तविक आपदा के दौरान टीम कितनी तेजी से घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कर सकती है और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचा सकती है।
मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस अधीक्षक अगम जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) महेन्द्र तारणेकर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) गजेन्द्र सिंह कंवर सहित पुलिस के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। SDERF के अधिकारी-कर्मचारियों ने रेस्क्यू अभ्यास में हिस्सा लिया। अधिकारियों के मुताबिक इस तरह के अभ्यास से आपदा के समय बचाव दल की तैयारियों को बेहतर बनाने और वास्तविक परिस्थितियों में प्रभावी कार्रवाई करने में मदद मिलती है।