106 year old temple in Khandwa: खंडवा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व को लेकर शहर के कृष्ण मंदिरों में तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। मंदिरों में आकर्षक सजावट की जा रही है।
इसी क्रम में बुधवार बाजार स्थित महेश्वरी समाज द्वारा संचालित करीब 106 वर्ष पुराने सत्यनारायण मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को इस बार विशेष रूप से भव्य स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है। मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाने का काम समाजजनों द्वारा किया जा रहा है।
हर वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर सत्यनारायण मंदिर में अलग-अलग थीम पर आकर्षक सजावट की जाती है। पिछले वर्ष जहां मंदिर परिसर में देशप्रेम से ओतप्रोत झांकी तैयार की गई थी, वहीं इस वर्ष मंदिर को घंटियों और घड़ियालों से सजाया जा रहा है। मंदिर परिसर में चारों ओर घंटियों की सजावट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। जन्माष्टमी पर मंदिर को भव्य स्वरूप देने के लिए समाज के सदस्य लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं।
महेश्वरी समाज के अध्यक्ष विष्णु जेथलिया ने बताया कि जन्माष्टमी को लेकर मंदिर में समाजजनों द्वारा आकर्षक सजावट की जा रही है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर को भव्य रूप देने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि हर वर्ष मंदिर में जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है और इस वर्ष भी आयोजन को लेकर समाजजनों में खासा उत्साह है। समिति के अनिल बाहेती ने बताया कि 100 वर्ष से अधिक पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए इस वर्ष भी सत्यनारायण मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया जाएगा। जन्माष्टमी के दिन सुबह से ही मंदिर में भगवान की पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू होगा। श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन कर पूजा-अर्चना करेंगे।
जन्माष्टमी के अवसर पर रात्रि में विशेष आयोजन होगा। रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर विशेष आरती की जाएगी। इसके साथ ही भगवान को पालना झुलाया जाएगा। कृष्ण जन्म के समय मंदिर में भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशियां मनाएंगे। 106 वर्ष पुराने सत्यनारायण मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार मनाया जाता है। इस बार घंटियों और घड़ियालों से की जा रही विशेष सजावट मंदिर की सुंदरता में चार चांद लगाएगी। जन्माष्टमी की रात मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है और पूरा मंदिर परिसर कृष्ण भक्ति से सराबोर नजर आएगा।