जबलपुर हाई कोर्ट (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
जबलपुर

जबलपुर: शहपुरा के क्षतिग्रस्त पुल मामले में हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार, रेलवे और MPRDC को जारी किया नोटिस

Jabalpur High Court News: जबलपुर के शहपुरा भिटौनी क्षतिग्रस्त पुल मामले में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, रेलवे और MPRDC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। छह महीने बाद भी पुल की मरम्मत अधूरी है।

प्रीतेश जैन

Shahpura Damaged Bridge Case: जबलपुर के शहपुरा भिटौनी में क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। जबलपुर-भोपाल मुख्य मार्ग पर बने इस पुल के क्षतिग्रस्त होने के करीब छह महीने बाद भी मरम्मत कार्य पूरा नहीं हो सका है। इसके कारण इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने राज्य सरकार, रेलवे और मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) से जवाब मांगा है। अदालत ने रेलवे से पूछा है कि जब तक क्षतिग्रस्त पुल का हिस्सा ठीक नहीं हो जाता, तब तक पौड़ी रेलवे गेट को आम लोगों के लिए क्यों नहीं खोला जा रहा है।

हाईकोर्ट ने रेलवे से मांगा जवाब

सुनवाई के दौरान रेलवे की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया। जबलपुर हाईकोर्ट ने रेलवे को अगली सुनवाई में स्पष्ट जवाब और आवश्यक दिशा-निर्देशों के साथ उपस्थित होने के लिए कहा है। वहीं एमपीआरडीसी को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत को लेकर पूरी जानकारी पेश करे। अदालत ने पूछा है कि मरम्मत कार्य कब तक पूरा होगा और इसके लिए क्या समय-सीमा तय की गई है। मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है।

स्थानीय लोगों को हो रही परेशानी

गौरतलब है कि दिसंबर महीने में पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद हाईवे के यातायात को शहपुरा भिटौनी की रहवासी बस्ती और कृषि उपज मंडी वाले रास्ते से डायवर्ट किया गया। यह वैकल्पिक मार्ग संकरा होने के कारण आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। स्थानीय लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी राजेश सिंह ने पौड़ी रेलवे फाटक को खोलने की मांग उठाई है, ताकि लोगों को राहत मिल सके। उनका कहना है कि पुल की मरम्मत में देरी के कारण आम जनता परेशान है।

टोल वसूली पर उठे सवाल

वहीं पुल क्षतिग्रस्त होने के बावजूद हाईवे पर टोल वसूली जारी रहने का मुद्दा भी सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब मार्ग पूरी तरह सुचारू नहीं है तो टोल वसूली पर भी सवाल उठते हैं। अब  जबलपुर हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद संबंधित विभागों से जवाब मांगा गया है।

https://youtu.be/QC1sEPZ2uLA?si=-Xs5mk52F4LVFa7d

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