जबलपुर हाई कोर्ट (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
जबलपुर

मध्य प्रदेश के नर्सिंग छात्रों को हाईकोर्ट से राहत; अटकी परीक्षाएं कराने और रिजल्ट जारी करने के आदेश

MP Nursing Students News: हजारों नर्सिंग छात्रों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत! अटकी परीक्षाएं कराने और परिणाम जारी करने के दिए आदेश, डुप्लीकेट फैकल्टी वाले कॉलेजों पर प्रति फैकल्टी 3 लाख का जुर्माना तय।

पवन पटेल, सजल रघुवंशी

MP Nursing Exams High Court Relief Order: मध्य प्रदेश में लंबे समय से अटकी नर्सिंग परीक्षाओं और परीक्षा परिणामों को लेकर हाईकोर्ट ने नर्सिंग स्टूडेंट्स को राहत दी है। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बी.पी. शर्मा की युगलपीठ ने लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट विशाल बघेल की जनहित याचिका समेत संबंधित मामलों की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान सीबीआई की रिपोर्ट में कॉलेजों की फैकल्टी को लेकर सामने आई डुप्लीकेसी का मुद्दा भी रखा गया।

कोर्ट ने डुप्लीकेट टीचिंग फैकल्टी पाए गए संबंधित कॉलेजों के लिए प्रति डुप्लीकेट फैकल्टी 3 लाख रुपये का जुर्माना तय किया है। इसमें 2 लाख रुपये एमपी नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल और 1 लाख रुपये जुवेनाइल जस्टिस फंड में जमा कराने होंगे। एक महीने के भीतर जुर्माना जमा करने के बाद संबंधित कॉलेजों को उपयुक्त मानते हुए परीक्षाएं आयोजित की जा सकेंगी और परिणाम जारी किए जा सकेंगे।

जिन कॉलेजों में नहीं मिली डुप्लीकेट फैकल्टी उनके छात्रों को मिली परीक्षा में शामिल होने की अनुमति

सीबीआई जांच में जिन 35 सूटेबल कॉलेजों में डुप्लीकेट फैकल्टी नहीं मिली है, उनके छात्रों को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी गई है। इसके साथ ही पहले परीक्षा दे चुके छात्रों के परिणाम भी जारी किए जाएंगे। यह राहत बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग और पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग के विद्यार्थियों को मिलेगी।

हाईकोर्ट ने पर्यावरण संरक्षण की भी दी जिम्मेदारी

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने फैसले में एक अहम आदेश जारी करते हुए कॉलेजों को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी दी है। प्रत्येक संबंधित कॉलेज को परिसर या आसपास 50 पौधे लगाने और उन्हें पेड़ बनने तक संरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। पौधारोपण की तस्वीरें निसर्ग ऐप पर अपलोड भी करनी होंगी ताकि आदेश का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल को नए कॉलेजों को मान्यता देने में पूरी सतर्कता बरतने की दी हिदायत

न्यायालय ने अपने आदेश में नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल को नए कॉलेजों को मान्यता देने में पूरी सतर्कता बरतने की सख्त हिदायत दी है। निरीक्षण या निर्धारित मापदंडों के पालन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी। बहरहाल मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर 2026 को होगी।

सपा नेता सिनोद शाक्य को BJP ने बनाया प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही लिस्ट

Hotel Room Safety: होटल में चेक-इन करते ही करें ये 10 जरूरी काम, सुरक्षा में न करें लापरवाही

गुवाहाटी के होटल में अंधाधुंध फायरिंग, गोलीबारी में 6 लोगों की मौत; सामने आया खौफनाक VIDEO

SIR पर विपक्ष के प्रदर्शन के जवाब में सड़क पर उतरेंगे केंद्रीय मंत्री! क्या है BJP का प्लान?

SIR के तीनों आदेश सर्वसम्मति से लिए गए, चुनाव आयोग का सुप्रीम कोर्ट में जवाब