जस्टिस अवींद्र कुमार सिंह (सोर्स- सोशल मीडिया)
जबलपुर

MP हाईकोर्ट जस्टिस का एतिहासिक फैसला; रिटायरमेंट पर पत्नी संग देहदान और पीएम केयर्स फंड में 1.01 करोड़ दान

MP High Court Justice Retirement: जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने विदाई समारोह में लिया संकल्प, रिटायरमेंट पर पत्नी संग देहदान की घोषणा की और 1 करोड़ रुपये पीएम केयर्स फंड में दान करने का ऐलान किया।

पवन पटेल, सजल रघुवंशी

MP High Court Justice Body Donation: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में आयोजित सेवानिवृत्ति विदाई समारोह में उस वक्त लोग सन्न रह गए जब रिटायरमेंट पर उद्बोधन देते समय जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने समाज और राष्ट्रसेवा से जुड़ा महत्वपूर्ण संकल्प लिया।

विदाई समारोह के दौरान उन्होंने अपनी पत्नी के साथ देहदान करने का ऐलान किया, साथ ही अपनी जीपीएफ राशि में से करीब 1 करोड़ 1 लाख रुपये पीएम केयर्स फंड में देने की घोषणा की।

पीएम केयर्स फंड में डोनेट किए एक करोड़ रुपये

जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने कहा कि मृत्यु के बाद उनके और उनकी पत्नी के शरीर का उपयोग मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए किया जाएगा। वहीं न्यायिक सेवा के दौरान जमा हुई जीपीएफ राशि में से करीब 1.01 करोड़ रुपये पीएम केयर्स फंड को देने का संकल्प लिया गया है।

31 मई 1990 को हुई न्यायिक सेवा की शुरुआत

जस्टिस सिंह ने 31 मई 1990 को न्यायिक सेवा में कदम रखा था। करीब 36 वर्ष की न्यायिक यात्रा के बाद 1 मई 2023 को उन्हें मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। अपने न्यायिक कार्यकाल में उन्होंने कुल 8,788 मामलों का निराकरण किया। जबलपुर हाईकोर्ट परिसर में आयोजित विदाई समारोह में स्टेट बार काउंसिल और बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने जस्टिस सिंह के कार्यकाल और उनके योगदान को याद किया।

समारोह के दौरान जस्टिस अवनींद्र सिंह के भाषण से माहौल हुआ भावुक

समारोह के दौरान जस्टिस अवनींद्र सिंह के भाषण को सुनकर माहौल भावुक हो गया। उन्होंने अपने सहकर्मियों, न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों और अधिवक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही एमपी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को न्यायपालिका के सर्वोच्च दायित्वों के लिए शुभकामनाएं दीं। जीवनभर न्याय करने की जिम्मेदारी निभाने के बाद सेवानिवृत्ति के अवसर पर जस्टिस सिंह का देहदान और बड़ी राशि दान करने का संकल्प उनकी न्यायिक सेवा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े संदेश की न्याय जगत में सराहना हो रही है।

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