एमपी यूसीसी पर क्या बोले विधि विशेषज्ञ (सोर्स- नवभारत लाइव) 
जबलपुर

विधानसभा में UCC विधेयक पास, कानूनी विशेषज्ञों ने कहा- "सभी धर्म और जाति के लोगों को मिलेगा समानता का अधिकार"

UCC Bill Pass In MP Vidhansabha: एमपी में यूसीसी बिल पास होने पर बोले जबलपुर के विधि विशेषज्ञ, बताया ऐतिहासिक कदम, कहा- लिव-इन के रजिस्ट्रेशन से रुकेगा शोषण और महिलाओं को मिलेंगे मजबूत अधिकार।

सजल रघुवंशी

Legal Experts On UCC Madhya Pradesh: मध्यप्रदेश विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी यूसीसी विधेयक पारित होने के बाद इसे लेकर कानूनी और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। विधि विशेषज्ञों का मानना है कि यूसीसी लागू होने से सभी धर्मों और जातियों के नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून की व्यवस्था बनेगी और महिलाओं के अधिकार पहले से अधिक मजबूत होंगे।

विधानसभा में यूसीसी विधेयक पास होने के बाद जबलपुर के विधि विशेषज्ञों ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया है। उनका कहना है कि यह कानून समाज में समानता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकता है। उनके अनुसार अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर समान नागरिक व्यवस्था लागू होने से सभी नागरिकों के लिए एक जैसी कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित होगी।

महिलाओं को मिलेगा कानूनी अधिकारों का सीधा लाभ

विधि विशेषज्ञों का कहना है कि यूसीसी का सबसे बड़ा लाभ महिलाओं को मिलेगा। उनका मानना है कि विवाह, तलाक, भरण-पोषण, संपत्ति और उत्तराधिकार जैसे मामलों में महिलाओं को अधिक स्पष्ट और समान अधिकार मिलेंगे। इससे महिलाओं को न्याय पाने में सुविधा होगी और उनके अधिकारों की कानूनी सुरक्षा भी मजबूत होगी।

लिव इन रिलेशन की आड़ में होने वाले अत्याचारों पर लगेगी लगाम

विशेषज्ञों ने लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी यूसीसी के प्रावधानों पर प्रकाश डाला। उनका कहना है कि अब लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। इससे ऐसे संबंधों का कानूनी रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा और विशेष रूप से महिलाओं के साथ होने वाले शोषण, धोखाधड़ी या अधिकारों के हनन के मामलों में उन्हें कानूनी संरक्षण मिल सकेगा। उनका मानना है कि इस व्यवस्था से महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचारों में कमी आने की संभावना है।

मुस्लिम महिलाओं को भी मिलेगा संत का अधिकार

विधि विशेषज्ञों के अनुसार समान नागरीक संहिता (यूसीसी) के तहत मुस्लिम वर्ग की महिलाओं को भी समान कानूनी अधिकार प्राप्त होंगे। उनका कहना है कि इससे महिलाओं को न्याय और सुरक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे तथा विभिन्न समुदायों की महिलाओं के अधिकारों में समानता स्थापित करने की दिशा में यह कानून महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

यूसीसी का प्रचार प्रसार जरूरी

हालांकि यूसीसी को लेकर देशभर में अलग-अलग मत और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं, लेकिन जबलपुर के विधि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कानून का प्रभावी और निष्पक्ष तरीके से पालन किया जाता है तो यह महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने और समान नागरिक व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। अब सभी की नजर इसके क्रियान्वयन और भविष्य में होने वाले प्रभावों पर टिकी हुई है।

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