जेडीए अध्यक्ष का कटा चालान (सोर्स- सोशल मीडिया) 
जबलपुर

जबलपुर: ना पद का दिखाया रौब और बनाया दबाव, JDA अध्यक्ष ने बीच सड़क खड़े होकर कटवाया अपना चालान

Sandeep Jain Challan: कानून के आगे सब बराबर, जबलपुर में बिना हेलमेट जा रहे जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन का कटा ₹1000 का चालान, बिना बहस किए भरा जुर्माना, पेश की मिसाल।

सजल रघुवंशी

JDA Chairman Challan On Helmet: जबलपुर में यातायात नियमों को लेकर प्रशासन की सख्ती का एक ऐसा उदाहरण सामने आया है, जिसने यह संदेश दिया कि कानून के सामने सभी समान हैं। जबलपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संदीप जैन बिना हेलमेट पहने अपनी दोपहिया वाहन (एमपी 20 एसएस 3667) से मां नर्मदा के दर्शन कर लौट रहे थे।

इसी दौरान मोटर मित्रा पेट्रोल पंप के पास चल रही वाहन जांच के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने उन्हें रोक लिया। जांच में सामने आया कि उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था। नियमों के तहत पुलिस ने उनसे 1000 रुपये का जुर्माना मांगा और मौके पर ही चालान की कार्रवाई की गई।

न पहचान का सहारा लिया, न कोई बहस की

मौके पर मौजूद लोगों को उम्मीद थी कि एक बड़े पद पर होने के कारण संदीप जैन शायद अपनी पहचान का इस्तेमाल करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने न तो किसी प्रकार का दबाव बनाया और न ही पुलिस से बहस की। अपनी गलती स्वीकार करते हुए उन्होंने शांतिपूर्वक 1000 रुपये का चालान जमा कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि यातायात नियम सभी नागरिकों के लिए समान हैं और उनका पालन करना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उनके इस व्यवहार की वहां मौजूद लोगों ने भी सराहना की, क्योंकि अक्सर वीआईपी मामलों में नियमों को लेकर विवाद देखने को मिलते हैं।

मोबाइल कोर्ट की संयुक्त कार्रवाई में किसी को नहीं मिली रियायत

मोटर मित्रा पेट्रोल पंप के पास विशेष मोबाइल कोर्ट के माध्यम से न्यायिक अधिकारियों और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीम सघन वाहन जांच अभियान चला रही थी। इस दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने, गलत नंबर प्लेट लगाने और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई की गई। अभियान में किसी भी व्यक्ति को उसके पद या पहचान के आधार पर छूट नहीं दी गई। जेडीए अध्यक्ष पर हुई कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि नियमों के पालन में सभी नागरिक बराबर हैं।

'जबलपुर में नियम सबके लिए बराबर' का मिला मजबूत संदेश

संदीप जैन का चालान केवल एक सामान्य कार्रवाई नहीं, बल्कि शहर के लिए एक सकारात्मक संदेश भी बन गया। एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि द्वारा अपनी गलती स्वीकार करना और बिना किसी विवाद के जुर्माना भरना यह दर्शाता है कि कानून का सम्मान पद और प्रतिष्ठा से ऊपर है।

वहीं, प्रशासन ने भी यह साबित किया कि यातायात नियमों के पालन में किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। सड़क सुरक्षा को लेकर चलाया जा रहा यह अभियान लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ यह भरोसा भी मजबूत करता है कि जबलपुर में नियम वास्तव में सबके लिए बराबर हैं।

https://youtu.be/oLRB8qCz4Hs?si=1WHrYHgZgOlJHgSN

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