Ramzan Rescues Six People from the Water: मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ क्रूज हादसा बेहद भयावह रहा। गुरुवार को अचानक आए तूफान में क्रूज बोट पलटने से अब तक 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद जहां एक ओर पीड़ितों की मार्मिक कहानियां सामने आ रही हैं, वहीं कुछ अनजान चेहरों की बहादुरी भी चर्चा में है, जिन्होंने सूझबूझ और साहस से कई जिंदगियां बचा लीं।
दरअसल, हादसे के समय पास ही जल जीवन मिशन के तहत कुछ मजदूर निर्माण कार्य कर रहे थे। जैसे ही उन्हें लोगों की चीख-पुकार सुनाई दी, उन्होंने बिना देर किए और अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में छलांग लगा दी। रेस्क्यू टीम के पहुंचने से पहले ही ये मजदूर पीड़ितों के लिए देवदूत साबित हुए और करीब एक दर्जन लोगों की जान बचाने में सफल रहे।
जानकारी के अनुसार, इन मजदूरों ने केवल रस्सियों के सहारे एक अस्थायी रेस्क्यू टीम बनाई और डूब रहे करीब एक दर्जन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के 22 वर्षीय रमजान की बहादुरी इस दौरान खास तौर पर चर्चा में रही।
बताया जा रहा है कि रमजान ने अकेले ही छह लोगों को बाहर निकाला, जिनमें से चार की जान बचाई जा सकी, जबकि दो को नहीं बचाया जा सका। इसी तरह बिहार के पश्चिम चंपारण निवासी 28 वर्षीय बिंद्रा कुमार यादव ने बताया कि वहां करीब 35 मजदूर काम कर रहे थे। उन्होंने क्रूज को अनियंत्रित होते देख पायलट को रुकने के लिए आवाज भी लगाई, लेकिन कुछ ही पलों में नाव उनकी पहुंच से दूर चली गई और पानी में डूब गई।
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मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम में 30 अप्रैल की शाम हुए हादसे के करीब 48 घंटे बाद रेस्क्यू टीम को दो और बच्चों का शव मिला है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। दरअसल, 30 अप्रैल की शाम बरगी डैम में पर्यटकों से भरी एक क्रूज बोट टापू के आसपास भ्रमण कर रही थी। तभी अचानक मौसम बदल गया और तेज आंधी के साथ 60–70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने लगीं। कुछ ही पलों में स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई, बोट का संतुलन बिगड़ गया और वह पलटकर डैम में समा गई।