Jabalpur Bargi Cruise Accident Update: बरगी बांध क्रूज हादसे की जांच शुरू होने के साथ ही रोज नए नए खुलासे हो रहे हैं, क्रूज में फोर स्ट्रोक इंजन लगाने की बजाय उसे जनरेटर से चलाया जा रहा था। जिसमें एक जनरेटर बंद होने के बाद क्रूज पलटने की जानकारी सामने आई है।
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने इस घटना को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग पर बड़ी लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मंच ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने क्रूज़ में फोर स्ट्रोक इंजन लगाने के निर्देश पहले ही जारी कर दिए थे।
बता दें कि एनजीटी के निर्देश के बाद भी क्रूज में दो ऐसे इंजन लगाए गए जो जनरेटर की तरह काम करते थे, इन्हीं में से एक इंजन (जनरेटर) बंद हो गया और क्रूज़ हवाओं और लहरों में फंस गया जिसके बाद वह पलट गया। अब इस बात का खुलासा होने के बाद हड़कंप मच गया है।
इस घटना(Jabalpur Cruise Accident) को लेकर नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के सदस्यों में भारी आक्रोश है और उन्होंने इस घटना की गहराई से जांच करने की मांग की है साथ ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में भी याचिका दायर करने की चेतावनी दी है। साथ ही यह भी कहा है कि इस मामले में कार्रवाई तेज हो।
इस घटना की भयावहता ने हर वर्ग को प्रभावित किया है, यही वजह है कि सरकार और मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग ने भले ही घटना को सामान्य माना लेकिन न्यायालय ने इस घटना के बाद की गई कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। जिला न्यायिक मजिस्ट्रेट डी पी सूत्रकार ने बरगी थाना प्रभारी को दो दिनों में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं।
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बता दें कि यह भीषण हादसा 30 अप्रैल 2026 को हुआ था, जिसमें 13 लोगों की डूबने से जान चली गई। इस घटना ने पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं के दावों की पोल खोलकर रख दी। अब न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद इस मामले में जिम्मेदारों पर कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है।