महाकौशल की सबसे लंबी 121 किलोमीटर की लंबी कांवड़ यात्रा (सोर्स- सोशल मीडिया)
जबलपुर

कंधे पर कांवड़ और मन में आस्था; संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी की अगुवाई में भेड़ाघाट से बांदकपुर की यात्रा

Kanwar Yatra Jabalpur: महाकौशल की सबसे लंबी 121 KM कांवड़ यात्रा से शिवमय हुआ माहौल, भेड़ाघाट के पंचवटी घाट से दमोह के बांदकपुर स्थित जागेश्वरनाथ धाम के लिए निकली भव्य यात्रा।

पवन पटेल, सजल रघुवंशी

121 Km Kanwar Yatra Jabalpur: कंधे पर कांवड़, मन में भोलेनाथ के प्रति आस्था और जुबां पर बम भोले के जयकारे। यह नजारा है महाकौशल की अब तक की सबसे लंबी कांवड़ यात्रा का। जबलपुर के भेड़ाघाट से दमोह के बांदकपुर तक निकली 121 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा इन दिनों आस्था और भक्ति का बड़ा केंद्र बनी हुई है।

सावन माह में कांवड़ यात्रा निकालना पुरानी परंपरा है जिसमें श्रद्धालु अपनी क्षमता के अनुसार दूरी तय करके महादेव के प्रति अपनी भक्ति दर्शाते हैं, लेकिन यह यात्रा अपने आप में अलग पहचान बन गई है क्योंकि पहली बार किसी सत्ता में बैठे जनप्रतिनिधि ने खुद इतनी लंबी कांवड़ यात्रा की अगुवाई की है। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी के नेतृत्व में निकाली जा रही इस पांच दिवसीय कांवड़ यात्रा की शुरुआत भेड़ाघाट के पंचवटी घाट पर विधि-विधान से पूजन के बाद हुई। नर्मदा जल को कांवड़ में लेकर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारों के साथ बांदकपुर की ओर कदम बढ़ाए।

यात्रा मार्ग पर जगह जगह हुआ स्वागत

इस यात्रा की खास बात सिर्फ इसकी 121 किलोमीटर की दूरी नहीं है… बल्कि वह संकल्प है, जो श्रद्धालुओं को लगातार पांच दिनों तक पैदल चलने की ताकत दे रहा है। यात्रा में दमोह और जबेरा विधानसभा क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु शामिल हुए हैं। कोई परिवार के साथ कांवड़ लेकर चल रहा है, तो कोई दोस्तों और साथी श्रद्धालुओं के साथ। रास्ते में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष माहौल को पूरी तरह शिवमय बना रहे हैं। यह यात्रा जहां से भी गुजर रही है वहां स्थानीय लोग यात्रा में शामिल कावड़ियों का पुष्पवर्षा कर स्वागत कर रहे हैं साथ ही उन्हें कोई परेशानी ना हो इसके लिए उनकी मदद कर रहे हैं।

तकनीक और आस्था के बीच समन्वय

इस यात्रा में मंत्री धर्मेंद्र लोधी के भाई और पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर सत्येंद्र लोधी भी कांवड़ लेकर पैदल चल रहे हैं। आधुनिक तकनीक की दुनिया से जुड़े सत्येंद्र लोधी का कांवड़ लेकर इस तरह पैदल यात्रा करना भी लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

5 दिनों में पहुंचेगी दमोह के बांदकपुर

पांच दिनों तक चलने वाली इस यात्रा में श्रद्धालु रास्ते में आने वाले धार्मिक और आस्था से जुड़े स्थलों पर रुकेंगे। यहां पूजा-अर्चना और विश्राम के बाद यात्रा दोबारा आगे बढ़ेगी। दरअसल, यह सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि नर्मदा और शिव की आस्था को जोड़ने वाला 121 किलोमीटर लंबा पैदल सफर है। भेड़ाघाट में नर्मदा नदी के तट से उठी कांवड़ जब बांदकपुर के जागेश्वरनाथ धाम पहुंचेगी, तो श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा अपने संकल्प की पूर्णता का क्षण होगी।

राजनैतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी यह यात्रा

एक तरफ भाजपा सरकार के मंत्री कांवड़ यात्रा निकालकर धर्म के प्रति अपनी आस्था और संस्कृति का परिचय दे रहे हैं वहीं राजनैतिक गलियारों में भी यह चर्चा का विषय बन गई है, क्योंकि जबलपुर में बीते कई सालों से कांवड़ यात्राएं निकाली जा रही हैं लेकिन किसी भी सत्तासीन विधायक या मंत्री ने कभी खुद इस तरह खुद कांवड़ लेकर इतनी दूरी तक यात्रा नहीं की।

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