Rahul Gandhi Questions Amit Shah Son Cricket Role: इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि सिस्टम को स्टूडेंट से खतरा है, क्योंकि वह सवाल पूछता है। उन्होंने कहा कि छात्र सवाल करता है कि अमित शाह के बेटे क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन कैसे बने और देश के कारोबार पर कुछ लोगों का प्रभाव कैसे बढ़ा।
राहुल गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि न्यायपालिका और अन्य संस्थाएं अपना काम क्यों नहीं कर रहीं और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर भी सवाल क्यों उठते हैं।
राहुल गांधी ने स्टूडेंट और ‘अंधभक्त’ के बीच अंतर बताते हुए कहा कि जहां छात्र सवाल पूछता और जिज्ञासु रहता है, वहां अंधभक्त अपनी ही दुनिया में रहता है। उन्होंने कहा कि छात्र मोहब्बत और सम्मान की बात करता है, जबकि उनके अनुसार अंधभक्त नफरत फैलाता है। राहुल ने यह भी कहा कि जहां छात्र निडर होकर अपनी बात रखता है, वहां अंधभक्त डरपोक होता है। महिलाओं के सम्मान और ईमानदारी को लेकर भी उन्होंने दोनों के बीच अंतर गिनाए।
राहुल गांधी ने कार्यक्रम के दौरान स्क्रीन पर एक स्लाइड दिखाते हुए ‘सिस्टम’ की अपनी व्याख्या सामने रखी। उन्होंने दावा किया कि सिस्टम की शीर्ष परत में कुछ प्रभावशाली लोग हैं और इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चलाते हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर धमकाने और कार्रवाई से जुड़े आरोप लगाए। राहुल ने अजित डोभाल का जिक्र करते हुए फोन टैपिंग और संचार व्यवस्था पर नियंत्रण के आरोप भी लगाए। ये सभी टिप्पणियां राहुल गांधी के राजनीतिक आरोप हैं।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, उद्योगपति मुकेश अंबानी और गौतम अडानी का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग संस्थाओं में प्रभावशाली लोगों का नियंत्रण स्थापित किया गया है। मीडिया, मनोरंजन और न्यायपालिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संस्थाओं में अपने लोगों को बैठाया गया है। क्रिकेट प्रशासन का उदाहरण देते हुए राहुल ने अमित शाह के बेटे का जिक्र किया। अंत में उन्होंने कहा कि सिस्टम नहीं चाहता कि छात्र सवाल पूछे, इसलिए उसके अनुसार ‘अंधभक्त’ तैयार और प्रमोट किए जाते हैं।