Fuel Saving Initiative MP: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत की अपील का असर मध्य प्रदेश के इंदौर और उज्जैन में अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। दोनों शहरों के महापौरों ने सप्ताह में एक दिन अपनी सरकारी और निजी कार का उपयोग नहीं करने का निर्णय लिया है।
इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने घोषणा की है कि वह हर शुक्रवार विशेष परिस्थितियों को छोड़कर कार का उपयोग नहीं करेंगे। इसी क्रम में उन्होंने आज कार्यालय से संबंधित सभी काम दोपहिया वाहन से पूरे किए और लोगों से भी ईंधन बचत की अपील की।
मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे भी सप्ताह में एक दिन अपनी कार को आराम देकर दोपहिया वाहन या अन्य वैकल्पिक साधनों का उपयोग करें, जिससे ईंधन की खपत कम हो सके।
उज्जैन में भी mayor मुकेश टटवाल ने हर शुक्रवार कार छोड़कर ई-रिक्शा, पैदल या इलेक्ट्रिक वाहन से सफर करने का फैसला लिया है। शुक्रवार सुबह उन्होंने कोठी रोड स्थित अटल पार्क तक ई-रिक्शा से यात्रा की और आम लोगों से मुलाकात कर ईंधन बचत का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने शहर के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण भी ई-रिक्शा से किया। महापौर ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए यह कदम जरूरी है।
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मुकेश टटवाल ने नगर निगम अधिकारियों और पार्षदों से भी सप्ताह में एक दिन कार के बजाय ई-रिक्शा, पैदल या इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने बताया कि अगर सभी अधिकारी ऐसा करें तो हर सप्ताह करीब 250 लीटर पेट्रोल की बचत संभव है। महापौर ने यह भी कहा कि यह पहल केवल वर्तमान संकट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य में भी इसे जारी रखने पर विचार किया जा रहा है, ताकि शहर में ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।