Highlights:
कैलाश विजयवर्गीय की विधानसभा में दीपावली उपहार वितरण समारोह।
मंत्री कैलाश और आकाश विजयवर्गीय को नहीं मिला न्योता।
होर्डिंग-बैनर से भी कैलाश विजयवर्गीय की तस्वीर गायब।
सुदर्शन गुप्ता, गौरव रणदिवे समेत कई नेता एक मंच पर जुटे।
Kailash Vijayvargiya Not Invited to Indore Event : इंदौर की विधानसभा क्रमांक-1 में आयोजित दीपावली उपहार वितरण समारोह ने भाजपा की स्थानीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। यह वही विधानसभा क्षेत्र है, जिसका प्रतिनिधित्व प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय करते हैं।
इसके बावजूद कार्यक्रम में न तो कैलाश विजयवर्गीय नजर आए और न ही उनके बेटे एवं पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय को आमंत्रित किए जाने की जानकारी सामने आई। कार्यक्रम के होर्डिंग और बैनर से भी मंत्री की तस्वीर गायब रही। इसके बाद भाजपा के राजनीतिक गलियारों में इस आयोजन के मायने निकाले जाने लगे हैं।
वार्ड क्रमांक-7 के पार्षद मनोज मिश्रा की ओर से आयोजित समारोह में भाजपा के कई ऐसे नेता एक साथ नजर आए, जिन्हें राजनीतिक तौर पर कैलाश विजयवर्गीय का विरोधी माना जाता रहा है। इनमें पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता, देपालपुर विधायक मनोज पटेल, पूर्व महापौर उमाशंशी शर्मा, पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे और भाजपा प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन नेताओं की एक साथ मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक चर्चा का विषय बना दिया।
कार्यक्रम के आयोजक पार्षद मनोज मिश्रा की स्थानीय राजनीति में अपनी अलग सक्रियता रही है। उनके और कैलाश विजयवर्गीय के बीच राजनीतिक मतभेदों की चर्चाएं भी समय-समय पर सामने आती रही हैं। ऐसे में विजयवर्गीय की अपनी विधानसभा में आयोजित इस समारोह में उनकी गैरमौजूदगी और प्रचार सामग्री से तस्वीर गायब होना कई सवाल खड़े कर रहा है।
इस आयोजन में कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय की गैरमौजूदगी भी चर्चा में रही। बताया जा रहा है कि उन्हें भी कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया था। ऐसे में कार्यक्रम में निमंत्रण और उपस्थिति को लेकर उठ रहे सवालों ने सियासी चर्चाओं को और हवा दे दी है।
इंदौर में बीजेपी से जुड़े इस पूरे घटनाक्रम का सबसे अहम पहलू यह है कि कैलाश विजयवर्गीय की विधानसभा में ऐसे नेताओं का एक मंच पर जुटना राजनीतिक संकेतों के तौर पर देखा जा रहा है, जिनके साथ उनके समीकरण हमेशा सहज नहीं माने जाते। मंत्री और उनके बेटे की गैरमौजूदगी के साथ होर्डिंग से तस्वीर गायब होना भी चर्चा का विषय है।