Kailash Vijayvargiya Controversial Statement: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रदेश सरकार में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दरअसल, इंदौर में आयोजित एक भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ‘काफिर’ शब्द को लेकर टिप्पणी की, जिसके बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस बयान को लेकर बहस शुरू हो गई है।
इंदौर में आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जिस क्षेत्र में सड़क का निर्माण किया जा रहा है, वहां हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग निवास करते हैं। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि कुछ लोग उन्हें ‘काफिर’ कहकर संबोधित करते हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की सोच समाज में विभाजन पैदा करती है और विकास कार्यों को धार्मिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
अपने भाषण में कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अगर हम काफिर हैं और हमने यह सड़क बनाई है, तो आप इस सड़क पर मत चलो।” उन्होंने यह टिप्पणी उन लोगों के संदर्भ में की, जो उन्हें या उनकी विचारधारा को इस शब्द से संबोधित करते हैं। उनका यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई लोगों ने इसे समर्थन दिया, जबकि कुछ लोगों ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने राज्य सरकार की महत्त्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई उन्हें काफिर मानता है, तो उसे इस योजना का लाभ भी नहीं लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर हम काफिर हैं और आपके घर में इस योजना का पैसा आ रहा है, तो उसे मत लो। इस बयान को लेकर भी सोशल मीडिया पर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
अपने संबोधन के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि उनकी सरकार और पार्टी ने कभी किसी के साथ भेदभाव नहीं किया। उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को दोहराते हुए कहा कि उनका उद्देश्य हर वर्ग के लोगों तक विकास पहुंचाना है।
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उन्होंने यह भी कहा कि जनता की सेवा करना उनकी प्राथमिकता है, चाहे कोई उन्हें वोट दे या न दे। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है और सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस का दौर जारी है।