शिशुकुंज स्कूल के खाने की वजह से बच्चों की बिगड़ी तबीयत (सोर्स- सोशल मीडिया) 
इंदौर

इंदौर के नामचीन शिशुकुंज स्कूल में सनसनी, योग दिवस का खाना खाते ही 100 से ज्यादा बच्चे बीमार; कैंपस में बवाल

Shishukunj School Food Poisoning Case: इंदौर के शिशुकुंज इंटरनेशनल स्कूल में योग दिवस का खाना खाने से 100 से ज्यादा बच्चे बीमार, खाद्य सुरक्षा विभाग ने मेस से लिए सैंपल, जांच जारी।

सजल रघुवंशी

Shishukunj School Children Sick Indore: इंदौर के झलारिया स्थित प्रतिष्ठित शिशुकुंज स्कूल में बच्चों के बीमार होने का मामला सामने आने के बाद अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार स्कूल के जूनियर विंग में शनिवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को भोजन भी परोसा गया था। इसके करीब 48 घंटे बाद केजी से चौथी कक्षा तक के कई बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और बेचैनी जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की शिकायत होने लगी। मामले के सामने आते ही स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल बन गया।

भोजन और पानी पर उठे सवाल, अभिभावकों ने किया विरोध

रविवार और सोमवार को बड़ी संख्या में अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन से संपर्क कर बच्चों की तबीयत खराब होने की जानकारी दी। कई अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल में योग दिवस कार्यक्रम के दौरान परोसे गए भोजन या पानी की वजह से बच्चों की तबीयत बिगड़ी हो सकती है। सोमवार को कुछ अभिभावकों ने स्कूल परिसर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और भोजन तथा पानी की गुणवत्ता की जांच की मांग उठाई। एहतियात के तौर पर केजी से चौथी तक के कई छात्रों को सोमवार को स्कूल नहीं भेजा गया। बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता बनी हुई है।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने शुरू की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम स्कूल पहुंची और जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने स्कूल की रसोई, पेयजल व्यवस्था और खाद्य सामग्री का निरीक्षण किया। जांच के दौरान भोजन और पानी के नमूने एकत्र कर उन्हें परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों की तबीयत खराब होने का कारण भोजन, पानी या कोई अन्य वजह थी। फिलहाल जांच जारी है और विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

स्कूल प्रबंधन ने दी सफाई, रिपोर्ट का इंतजार

स्कूल प्रशासन ने मामले में सफाई देते हुए कहा है कि संस्थान में बच्चों को प्रतिदिन ताजा और गुणवत्ता युक्त भोजन उपलब्ध कराया जाता है। जूनियर विंग की हेडमिस्ट्रेस ऋचा तिवारी के अनुसार योग दिवस कार्यक्रम में बच्चों को राजमा, रोटी, चावल और चोलाई की सब्जी परोसी गई थी। उन्होंने दावा किया कि भोजन की गुणवत्ता और ताजगी से जुड़े सभी रिकॉर्ड स्कूल के पास मौजूद हैं।

100 से ज्यादा शिकायतें हुईं प्राप्त

स्कूल प्रशासन के मुताबिक शुरुआत में लगभग 35 शिकायतें प्राप्त हुई थीं, लेकिन बाद में यह संख्या बढ़कर 100 से अधिक हो गई। इसके बाद स्कूल ने भी अपने स्तर पर आंतरिक जांच शुरू कर दी है। प्रबंधन का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। फिलहाल अभिभावकों और स्कूल प्रशासन दोनों की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे बच्चों के बीमार होने की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।

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