Indore Tiranga Yatra : स्वतंत्रता दिवस से पहले इंदौर में राष्ट्रपथ तिरंगा यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। गुरुवार शाम देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से शुरू हुई इस यात्रा में हजारों की संख्या में युवा, छात्र-छात्राएं, महिलाएं और शहरवासी हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। देशभक्ति के नारों और वंदेमातरम के गान से यात्रा का पूरा मार्ग राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। आयोजकों के मुताबिक यात्रा में 25 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया।
राष्ट्रपथ तिरंगा यात्रा की शुरुआत देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से हुई। यहां से यात्रा भंवरकुआ पहुंची और इसके बाद राजीव गांधी चौराहे से होते हुए वापस भंवरकुआ पहुंची। यात्रा के दौरान सड़क पर तिरंगा लहराते युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। जगह-जगह नागरिकों ने यात्रा का स्वागत किया और प्रतिभागियों पर पुष्पवर्षा की।
तिरंगा यात्रा के दौरान पूरे मार्ग पर देशभक्ति के नारे गूंजते रहे। बड़ी संख्या में युवा हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता और देशभक्ति से जुड़े नारे लगाते हुए आगे बढ़े। यात्रा के कारण इंदौर की सड़कों पर उत्सव जैसा माहौल नजर आया। युवाओं के उत्साह और अनुशासन ने आयोजन को खास बना दिया।
यात्रा में इंदौर के विभिन्न समाजों, संस्थाओं और संगठनों ने भी बढ़-चढ़कर सहभागिता की। यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर समाजजनों की ओर से स्वागत मंच बनाए गए थे। यहां तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था भी की गई। नागरिकों ने यात्रा में शामिल युवाओं का स्वागत कर उनका उत्साह बढ़ाया।
राष्ट्रपथ तिरंगा यात्रा की खास बात इसकी व्यापक भागीदारी रही। आयोजकों के अनुसार इसमें अलग-अलग जाति, वर्ग, धर्म और समाज के लोगों ने हिस्सा लिया। किसी एक वर्ग तक सीमित न रहकर यात्रा ने सामाजिक एकता और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। हाथों में तिरंगा लिए लोगों की मौजूदगी ने पूरे आयोजन को भव्य बना दिया।
यात्रा का समापन भंवरकुआ में वंदेमातरम गीत के साथ किया गया। यात्रा में शामिल युवाओं ने इसे इंदौर के युवाओं और नागरिकों की एकजुटता का प्रतीक बताया। उनका कहना था कि स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित यह पहल आने वाले वर्षों में एक नई परंपरा के रूप में स्थापित हो सकती है।
तिरंगा यात्रा के दौरान इंदौर की सड़कों पर देशभक्ति, एकता और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिखाई दिया। हजारों लोगों की भागीदारी ने आयोजन को यादगार बना दिया। स्वतंत्रता दिवस से पहले हुए इस आयोजन ने शहर में राष्ट्रभक्ति का माहौल और मजबूत किया और युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन की भव्यता बढ़ा दी।