Indore Political Events : मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर 17 से 19 सितंबर तक राष्ट्रीय राजनीति और वैचारिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। लगातार तीन दिनों में बीजेपी, आरएसएस और कांग्रेस से जुड़े बड़े कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। खास बात यह है कि तीनों आयोजनों में युवाओं को केंद्र में रखा गया है। 17 सितंबर को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, 18 सितंबर को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और 19 सितंबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में मौजूद रहेंगे।
तीन दिवसीय राजनीतिक गतिविधियों की शुरुआत 17 सितंबर को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दौरे से होगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका इंदौर का पहला दौरा बताया जा रहा है। इंदौर में कार्यक्रम में शामिल होने के बाद वे उज्जैन और मंदसौर भी जाएंगे। उज्जैन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के साथ बीजेपी के सेवा संकल्प अभियान से जुड़े आयोजनों में भी उनकी मौजूदगी रहेगी।
इसके अगले दिन 18 सितंबर को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत इंदौर और उज्जैन के दौरे पर रहेंगे। उज्जैन में आयोजित युवा धर्म संसद में वे युवाओं से संवाद करेंगे। कार्यक्रम का फोकस युवाओं को भारतीय संस्कृति, समाज और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर रहेगा। इसे लेकर आरएसएस से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
तीसरे दिन यानी 19 सितंबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी इंदौर पहुंचेंगे। कांग्रेस की ओर से आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में राहुल गांधी छात्रों और युवाओं से सीधे संवाद करेंगे। कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था, छात्रों की समस्याओं, उनके संघर्ष और स्थानीय मुद्दों पर बातचीत प्रस्तावित है। कार्यक्रम के लिए इंदौर विकास प्राधिकरण के मैदान में तैयारियां की जा रही हैं।
लगातार तीन दिनों में होने वाले इन कार्यक्रमों में युवाओं पर खास फोकस नजर आ रहा है। राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस की तैयारियों के बीच बीजेपी और आरएसएस भी अपने आयोजनों को लेकर सक्रिय हैं। राजनीतिक तौर पर इसे युवाओं के बीच अपनी पहुंच और प्रभाव दिखाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। बीजेपी की कोशिश राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष के जरिए बड़ा राजनीतिक माहौल बनाने और भीड़ जुटाने की भी बताई जा रही है।
17 सितंबर को नितिन नबीन, 18 सितंबर को मोहन भागवत और 19 सितंबर को राहुल गांधी की मौजूदगी इंदौर को लगातार तीन दिनों तक सियासी गतिविधियों के केंद्र में रखेगी। तीनों आयोजनों के जरिए बीजेपी, आरएसएस और कांग्रेस युवाओं तक अपनी विचारधारा और राजनीतिक संदेश पहुंचाने की कोशिश करेंगे। ऐसे में नजर इस बात पर रहेगी कि मालवा-निमाड़ के युवा वर्ग के बीच कौन सा आयोजन ज्यादा प्रभाव छोड़ता है।