Indore Kanh River Encroachment : इंदौर के साउथ तोड़ा क्षेत्र में बुधवार को जिला प्रशासन और नगर निगम ने बड़ी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की। कान्ह नदी किनारे शासकीय जमीन पर लंबे समय से बने 50 से अधिक अवैध दुकानों और छोटे कारखानों को बुलडोजर की मदद से हटाया गया। प्रशासन के मुताबिक, करीब दो एकड़ जमीन पर अतिक्रमण था, जिसकी अनुमानित कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक है।
प्रशासन के अनुसार, नदी किनारे अवैध दुकानों के साथ लोहे की सामग्री बनाने जैसे छोटे-छोटे कारखाने भी संचालित किए जा रहे थे। इन निर्माणों के कारण सरकारी जमीन पर कब्जे के साथ नदी क्षेत्र भी प्रभावित हो रहा था। कार्रवाई के बाद प्रशासन ने जमीन को अपने कब्जे में ले लिया।
एसडीएम घनश्याम धनगर के मुताबिक, नदी किनारे किए गए अतिक्रमण से कान्ह नदी के प्राकृतिक बहाव में भी बाधा उत्पन्न हो रही थी। अवैध निर्माण हटने के बाद अब इस क्षेत्र को व्यवस्थित करने और विकसित करने की योजना पर काम किया जाएगा।
नगर निगम की टीम ने जैसे ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की, कुछ लोगों ने इसका विरोध कर दिया। देखते ही देखते मौके पर हंगामा बढ़ गया और पुलिस तथा विरोध कर रहे लोगों के बीच झड़प की स्थिति बन गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
हंगामे के दौरान एक युवक ने एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल को धक्का दे दिया। धक्का लगने से अधिकारी जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद पुलिस ने युवक को मौके से हिरासत में ले लिया। पुलिस के मुताबिक, सरकारी कार्रवाई में बाधा डालने और पुलिस के साथ अभद्रता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हंगामे के बाद इंदौर पुलिस ने मौके से करीब छह लोगों को हिरासत में लिया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए 80 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। वहीं नगर निगम के 100 से ज्यादा कर्मचारी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में शामिल रहे। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
जिला प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटने के बाद कान्ह नदी के इस हिस्से को व्यवस्थित और विकसित किया जाएगा। नदी क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के साथ उसके प्राकृतिक स्वरूप को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब इस सरकारी जमीन के उपयोग और नदी किनारे विकास की योजना पर काम होने की उम्मीद है।