घी जप्त करते खाद्य विभाग अधिकारी (फोटो सोर्स - नवभारत) 
इंदौर

इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: 640 लीटर संदिग्ध घी जब्त, 21 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे

Food Safety: खाद्य विभाग ने इंदौर में बड़ी कार्रवाई करते हुए बाहरी राज्य से लाए गए लगभग 3 लाख मूल्य के 640 लीटर संदिग्ध घी को जब्त किया, घी के सेम्पल को लेकर जाँच के लिए भोपाल भेजा गया है ।

अंशुल मुकाती

Indore Food Safety Crackdown: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा प्रशासन, इंदौर ने बड़ी कार्रवाई की। विभाग ने बाहरी राज्य से इंदौर लाए गए करीब 640 लीटर संदिग्ध घी को जब्त कर लिया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख रूपए बताई जा रही है। इसके साथ ही 21 खाद्य नमूने जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे गए हैं।

गुजरात से आया घी जांच के घेरे में

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने लसूड़िया मोरी स्थित कृष इंटरप्राइजेज पर निरीक्षण किया। यहां गुजरात के सूरत स्थित एक डेयरी द्वारा निर्मित वास्तु ब्रांड के विभिन्न पैक में बड़ी मात्रा में घी रखा मिला। गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने पर विभाग ने 10 नमूने लेकर पूरे स्टॉक में से करीब 640 लीटर घी जब्त कर लिया। अब लैब रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत आगे की कार्रवाई होगी।

येवले चाय आउटलेट पर एक्सपायर्ड प्रीमिक्स मिला

नवलखा स्थित येवले चाय आउटलेट के निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी डेट खत्म हो चुका "येवले विदाउट शुगर प्रीमिक्स" उपयोग के लिए रखा मिला। खाद्य सुरक्षा टीम ने पंचनामा बनाकर इसे मौके पर ही नष्ट कराया। यहां से जिंजर टी, आम पन्ना और प्रीमिक्स के 3 नमूने भी जांच के लिए लिए गए।

अन्य प्रतिष्ठानों से भी लिए गए नमूने

अभियान के दौरान जावरा कम्पाउंड स्थित एफए प्राइवेट लिमिटेड, नैनोद की साईं कृपा दूध डेयरी और ग्राम बांक स्थित आशिक डेयरी फार्म का भी निरीक्षण किया गया। इन प्रतिष्ठानों से मफिन, प्रीमिक्स, दूध, पनीर, घी और दही सहित कुल 8 नमूने एकत्र किए गए।

आरबीआईएस सिस्टम के तहत हुआ निरीक्षण

खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि कार्रवाई रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन सिस्टम के तहत की गई। यह भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की जोखिम आधारित निरीक्षण प्रणाली है, जिसके जरिए हाई-रिस्क खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित निगरानी की जाती है।

व्यापारियों को दिए गए सख्त निर्देश

निरीक्षण के दौरान खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिए गए कि एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों का उपयोग या बिक्री न करें, खाद्य सामग्री निर्धारित तापमान पर रखें, स्वच्छता बनाए रखें और खाद्य सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करें।

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कलेक्टर शिवम वर्मा बोले— कार्रवाई जारी रहेगी

कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। बाहरी राज्यों से आने वाले खाद्य उत्पादों और हाई-रिस्क प्रतिष्ठानों की लगातार निगरानी की जा रही है। खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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