इंदौर क्राइम ब्रांच ऑफिस (सोर्स- सोशल मीडिया)
इंदौर

इंदौर में आर्मी ऑफिसर बनकर व्यापारी से 8.55 लाख की साइबर ठगी; कैंटोनमेंट में सामान सप्लाई का दिया झांसा

Cyber Fraud Case Indore: इंदौर में खुद को आर्मी ऑफिसर बताकर व्यापारी से 8.55 लाख रुपये की साइबर ठगी! कैंटोनमेंट क्षेत्र में सामान सप्लाई और बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन के नाम पर किया फर्जीवाड़ा।

अंशुल मुकाती, सजल रघुवंशी

Cyber Fraud In Indore Using Fake Army Officer Identity: इंदौर के छोटी ग्वालटोली थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यापारी को खुद को आर्मी ऑफिसर बताने वाले आरोपी ने कैंटोनमेंट क्षेत्र में सामान सप्लाई का झांसा देकर करीब 8 लाख 55 हजार रुपये की ठगी कर ली।

आरोपी ने पहले व्यापारी से भरोसे के नाम पर जरूरी दस्तावेज और जीएसटी नंबर जैसी जानकारी हासिल की और फिर बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन के नाम पर उसे अलग-अलग ट्रांजैक्शन में उलझा दिया।

फोन पर खुद को बताया कुणाल कुमार, आर्मी ऑफिसर

पीड़ित व्यापारी प्रवीण मोदी पेंट सप्लाई का काम करते हैं। उनके पास एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने अपना नाम कुणाल कुमार बताते हुए खुद को आर्मी ऑफिसर बताया। आरोपी ने कहा कि वह कैंटोनमेंट क्षेत्र में तैनात है और वहां फोर्स के लिए कुछ सामान की जरूरत है। इसके बाद आरोपी ने सप्लाई का काम दिलाने के नाम पर व्यापारी से जीएसटी नंबर सहित अन्य जानकारी मांगी।

बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन के नाम पर शुरू हुआ खेल

जानकारी लेने के बाद आरोपी ने व्यापारी को बताया कि पेमेंट प्राप्त करने के लिए बैंक अकाउंट का वेरिफिकेशन जरूरी है। इसके बाद अलग-अलग बहाने बनाकर व्यापारी से आरोपी द्वारा बताए गए खातों में रकम जमा कराई गई। शुरुआत में छोटी रकम ट्रांसफर कराने के बाद आरोपी लगातार बातचीत में व्यापारी को उलझाता रहा।

अलग-अलग ट्रांजैक्शन में 8.55 लाख रुपये ट्रांसफर

आरोपी की बातों पर भरोसा करते हुए व्यापारी ने कई बार रकम ट्रांसफर की। इसी तरह अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए उसके खाते से करीब 8 लाख 55 हजार रुपये निकल गए। जब व्यापारी को पूरे मामले का एहसास हुआ तो उसने पुलिस से शिकायत की।

छोटी ग्वालटोली पुलिस ने शुरू की जांच

पीड़ित की शिकायत के आधार पर छोटी ग्वालटोली थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खातों और ट्रांजैक्शन की जानकारी के आधार पर उसकी पहचान और ठगी की रकम की जांच कर रही है।

पुलिस की लोगों से अपील

इंदौर शहर के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को आर्मी, पुलिस या किसी सरकारी विभाग का अधिकारी बताकर फोन करता है, तो बिना सत्यापन के उसकी बात पर भरोसा न करें। किसी भी तरह के बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन, रिफंड, पेमेंट या अन्य बहाने से पैसे मांगे जाएं तो रकम ट्रांसफर करने से पहले संबंधित विभाग से सीधे संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करें।

अब पूर्व एयर मार्शल के हाथ राम मंदिर की कमान, जानिए अयोध्या में आवास से लेकर कार्यप्रणाली तक सब कुछ

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, ट्रायल जज के कामकाज पर इलाहाबाद HC से मांगी रिपोर्ट

TRAI का बड़ा फैसला! अब सिर्फ कॉल और SMS वाले सस्ते पैक भी होंगे उपलब्ध; ग्राहकों को मिलेगा ज्यादा विकल्प

चार राज्यों में विधान परिषद का चुनाव, निर्वाचन आयोग ने तारीख का किया ऐलान; 23 अक्टूबर को मतदान

अवैध गिरफ्तारी पर एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट सख्त, लिखित आधार न बताने वाले अधिकारी के खिलाफ हो विभागीय जांच