Indore Congress Chief Questioned After Protest: इंदौर में शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे से फरवरी में कांग्रेस कार्यालय पर हुए पथराव मामले में पुलिस ने करीब साढ़े पांच घंटे तक पूछताछ की। पंढरीनाथ थाने में दोपहर से शुरू हुई पूछताछ देर शाम तक चली। बयान दर्ज कराने के लिए बुलाए गए चौकसे के समर्थन में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता थाना परिसर पहुंच गए। कांग्रेस का आरोप है कि नीट परीक्षा को लेकर हुए छात्र आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद से सरकार और पुलिस उन्हें निशाना बना रही है।
चिंटू चौकसे ने थाने से बाहर आने के बाद आरोप लगाया कि भंवरकुआ क्षेत्र में नीट परीक्षा को लेकर हुए छात्र आंदोलन के दौरान कांग्रेस ने छात्रों को भोजन, टेंट और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई थीं। इसके बाद से ही पुलिस लगातार उन्हें निशाना बना रही है। उन्होंने दावा किया कि बीमारी के कारण मेडिकल सर्टिफिकेट देने के बावजूद पुलिस ने डॉक्टर तक को पूछताछ के लिए बुला लिया।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पूछताछ के दौरान पुलिस ने चिंटू चौकसे को कई घंटों तक थाने में बैठाए रखा। एक ही बयान को बार-बार दर्ज कराया गया और हर बार उसमें खामी बताकर प्रक्रिया दोबारा शुरू की गई। कांग्रेस का कहना है कि इस मामले में अन्य नेता भी आरोपी हैं, लेकिन छात्र आंदोलन में सक्रिय रहने के कारण सबसे पहले चिंटू चौकसे को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया।
पूछताछ की सूचना मिलते ही पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष सोनाली मिमरोट, कई पार्षद और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पंढरीनाथ थाने पहुंच गए। करीब डेढ़ सौ से अधिक कार्यकर्ताओं ने थाना परिसर में नारेबाजी करते हुए चौकसे को छोड़ने की मांग की। नेताओं ने एसीपी और थाना प्रभारी से भी मुलाकात की। देर रात बयान दर्ज होने के बाद पुलिस ने चौकसे को जाने दिया।
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, ऐसी पूछताछ हो रही है जैसे हमने मुख्यमंत्री मोहन यादव के घर डकैती डाल दी हो। वहीं चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार कांग्रेस के आंदोलनों से घबराई हुई है और राजनीतिक दुर्भावना के तहत कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठाती रहेगी।
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पुलिस का कहना है कि फरवरी में कांग्रेस कार्यालय पर हुए पथराव मामले की विवेचना जारी है। इसी प्रक्रिया के तहत संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार पूछताछ जांच का हिस्सा है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।