Indore Brics Delegates Explore Mandu: इंदौर में आयोजित ब्रिक्स कृषि मंत्रियों के सम्मेलन के दौरान विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को ऐतिहासिक नगरी मांडू का भ्रमण किया। मांडू की भव्य स्थापत्य कला, सदियों पुरानी जल संरक्षण प्रणाली और सांस्कृतिक विरासत ने विदेशी मेहमानों को प्रभावित किया। जिला प्रशासन ने मालवी परंपरा के अनुसार पुष्पवर्षा और सांस्कृतिक स्वागत से अतिथियों का अभिनंदन किया।
मांडू के मुख्य द्वार पर पारंपरिक आदिवासी नृत्य दलों ने ढोल और थाली की थाप पर रंगारंग प्रस्तुति दी। लोक संस्कृति से प्रभावित विदेशी मेहमान भी कलाकारों के साथ कदम से कदम मिलाते नजर आए। इस दौरान उन्होंने कलाकारों की प्रस्तुति की जमकर सराहना की।
जहाज महल परिसर में आजीविका मिशन की महिलाओं द्वारा लगाए गए बाग प्रिंट स्टॉल ने विदेशी मेहमानों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। शिल्पकारों ने बाग प्रिंट की पारंपरिक तकनीक का प्रदर्शन किया, जिसके बाद कई प्रतिनिधियों ने स्वयं सांचों की मदद से डिजाइन तैयार की। स्थानीय हस्तशिल्प और कला की उन्होंने खुलकर प्रशंसा की और स्मृति चिन्ह भी प्राप्त किए।
विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने जहाज महल, मूंज और कपूर तालाब सहित मांडू के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया। पुरातत्व विशेषज्ञों ने मांडू की 500 वर्ष पुरानी जल प्रबंधन प्रणाली और वास्तुकला की विशेषताओं की जानकारी दी। प्रतिनिधियों ने इसे जलवायु परिवर्तन के दौर में एक प्रेरणादायक मॉडल बताया।
जहाज महल परिसर की संरक्षण प्रयोगशाला में विदेशी मेहमानों ने पारंपरिक मोर्टार निर्माण प्रक्रिया को करीब से देखा। इसके बाद ऐतिहासिक प्राचीर पर आयोजित लाइट एंड साउंड शो में मांडू के गौरवशाली इतिहास, सुल्तानों और राजा भोज के शासनकाल की झलक दिखाई गई, जिसने सभी का मन मोह लिया।
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भ्रमण के बाद जिला प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में भव्य गाला डिनर का आयोजन किया। इसमें मालवा के पारंपरिक व्यंजन जैसे दाल-बाटी, दाल-पानिया सहित विभिन्न राज्यों के विशेष पकवान परोसे गए। सांस्कृतिक संगीत और स्थानीय आतिथ्य ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।