IAS Santosh Verma: मध्य प्रदेश में शेड्यूल्ड कास्ट्स एंड ट्राइब्स ऑफिसर्स एम्प्लॉइज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष और सीनियर IAS ऑफिसर संतोष वर्मा को भोपाल में एक इवेंट में दिए गए बयान का वीडियो वायरल होने के बाद कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है। उन्होंने बाद में माफी मांगते हुए कहा है कि उनका मकसद कोई पॉलिटिकल हंगामा खड़ा करना नहीं था।
न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए संतोष वर्मा ने कहा, "देखिए, मेरा मकसद कोई पॉलिटिकल हंगामा खड़ा करना नहीं था। यह हमारी स्टेट एग्जीक्यूटिव मीटिंग थी। इस मीटिंग में हमारा मेन मुद्दा यह था कि रिज़र्वेशन सोशल नहीं, बल्कि इकोनॉमिक आधार पर होना चाहिए। हर कोई इस मुद्दे पर अपने विचार रख रहा था।"
सीनियर IAS ऑफिसर ने आगे कहा, "कुछ लोगों का मानना था कि अगर कोई IAS ऑफिसर बन जाता है, तो उस परिवार में किसी और को रिजर्वेशन का हक नहीं मिलना चाहिए। मैंने जवाब दिया कि अगर मैं फाइनेंशियली इंडिपेंडेंट हूं और सोशली बैकवर्ड नहीं हूं, तो मेरे बच्चों को समाज से 'रोटी-बेटी' जैसा व्यवहार मिलना चाहिए। लोगों ने बस इस बात को छोड़ दिया और बाकी सब प्रसारित कर दिया।"
उन्होंने आगे कहा, "मैं बस सभी समुदायों के लोगों से कहना चाहता हूं कि हमारी किसी भी समुदाय के लिए कोई बुरी भावना नहीं है। न ही हम किसी भी समुदाय की बहनों और बेटियों को दुख पहुंचाना चाहते थे। अगर किसी को बुरा लगा हो, तो मैं दिल से माफी मांगता हूं।"
गौरतलब है कि अजाक्स के प्रदेश अध्यक्ष संतोष वर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि जब तक कोई ब्राह्मण अपनी बेटी मेरे बेटे को दान नहीं कर देता या उससे रिश्ता नहीं कर लेता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।
अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज ने संतोष वर्मा के इस बयान की कड़ी निंदा की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्रा ने इस कमेंट को अभद्र और जातिवादी बताया। उन्होंने इसे ब्राह्मण बेटियों का अपमान और ऑल इंडिया सर्विस कंडक्ट रूल्स का उल्लंघन बताया।
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उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती है, तो वे कानूनी और सड़क पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। मिश्रा ने कहा, “सरकार को तुरंत IAS अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, नहीं तो ब्राह्मण समुदाय IAS अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ कोर्ट के साथ-साथ सड़कों पर भी लड़ेगा।”