Tera Tujhko Arpan Campaign : ग्वालियर पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन के अवसर पर आम लोगों को बड़ी राहत दी है। पुलिस ने 'तेरा तुझको अर्पण' अभियान के तहत तीन महीने में देश के अलग-अलग शहरों से 451 गुम मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल की कुल कीमत करीब 1.03 करोड़ रुपए बताई गई है। शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे।
लंबे समय से गुम मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। मोबाइल पाने वालों में शिक्षिका रेखा, MPPSC की तैयारी कर रहीं पूनम कस्तवार, प्रोफेसर डॉ. आरती, किस्तों पर मोबाइल खरीदने वाले ड्राइवर प्रदीप सिंह और कई गृहणियां शामिल रहीं। पुलिस के इस अभियान से लोगों को न केवल आर्थिक राहत मिली, बल्कि गुम हुए जरूरी डेटा और संपर्क वापस मिलने की उम्मीद भी जगी।
ग्वालियर साइबर सेल ने दूरसंचार विभाग के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की मदद से गुम मोबाइलों को ट्रेस किया। पुलिस ने तकनीकी निगरानी के जरिए अलग-अलग शहरों में इस्तेमाल हो रहे मोबाइल फोन की जानकारी जुटाई और उन्हें बरामद किया। पुलिस के मुताबिक CEIR पोर्टल गुम या चोरी हुए मोबाइल को ब्लॉक करने और उसकी लोकेशन का पता लगाने में मददगार सुरक्षित माध्यम है।
अभियान के दौरान कुछ नागरिकों ने लावारिस मिले मोबाइल को अपने पास रखने के बजाय साइबर सेल में जमा कराया। पुलिस ने पवन कुशवाह, भोजराज सिंह चौहान, भोगीराम मंडेलिया और मनोज चौरसिया को उनकी ईमानदारी और जागरूकता के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसे नागरिकों की सजगता से पुलिस को मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने में मदद मिली।
एसएसपी धर्मवीर सिंह ने अभियान की सफलता के लिए साइबर सेल प्रभारी उप निरीक्षक रजनी सिंह रघुवंशी और पूरी टीम की सराहना की। उन्होंने टीम के सराहनीय कार्य के लिए पुरस्कृत करने की घोषणा की। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक तकनीक और टीमवर्क के जरिए गुम मोबाइलों की बरामदगी की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर सबसे पहले नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं और डुप्लीकेट सिम प्राप्त करें। इसके बाद दूरसंचार विभाग के CEIR पोर्टल पर जाकर पुलिस शिकायत, मोबाइल बिल और पहचान पत्र से जुड़ी जानकारी अपलोड कर IMEI नंबर ब्लॉक कराया जा सकता है। इससे गुम या चोरी हुए फोन के दुरुपयोग पर रोक लगाने में मदद मिलती है और पुलिस के लिए उसे ट्रेस करना आसान हो जाता है।