ग्वालियर में साइबर फ्रॉड के इंटरनेशनल नेटवर्क का खुलासा फोटो सोर्स- नवभारत
ग्वालियर

ग्वालियर: साइबर फ्रॉड-ऑनलाइन गेम्बलिंग के इंटरनेशनल नेटवर्क का भंडाफोड़, करोड़ों के ट्रांजेक्शन का खुलासा

Gwalior Police Action : ग्वालियर पुलिस ने साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन गेम्बलिंग के कथित इंटरनेशनल नेटवर्क का खुलासा कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करोड़ों के लेनदेन का खुलासा किया।

निशांत तिवारी, प्रीतेश जैन

Gwalior Cyber Fraud : ग्वालियर पुलिस ने साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन गेम्बलिंग से जुड़े कथित अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच और साइबर क्राइम विंग की संयुक्त टीम ने गिरवाई इलाके के एक मकान पर दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा। पुलिस की प्रारंभिक जांच में आरोपियों के तार दुबई, कंबोडिया और श्रीलंका से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी हर महीने करोड़ों रुपए का लेनदेन करते थे।

पुलिस को गिरवाई क्षेत्र में साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन गेम्बलिंग से जुड़े नेटवर्क के संचालन की सूचना मिली थी। इसके बाद क्राइम ब्रांच और साइबर क्राइम विंग की टीम ने एक मकान पर दबिश दी। मौके से राजा रायकवार निवासी झांसी, नीलेश रावत निवासी दतिया, पंकज पाल और रानू रावत निवासी शिवपुरी तथा उदय चौहान निवासी ग्वालियर को गिरफ्तार किया गया।

लैपटॉप, मोबाइल और बैंकिंग दस्तावेज जब्त

तलाशी के दौरान ग्वालियर पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और बैंकिंग से जुड़े दस्तावेज जब्त किए। पुलिस के मुताबिक एक लैपटॉप, दो टैबलेट, 19 मोबाइल फोन, 17 एटीएम कार्ड, चार पासबुक, नौ चेकबुक और 38 सिम कार्ड समेत अन्य सामग्री बरामद हुई है। पुलिस को मौके से लाखों रुपए के लेनदेन का हिसाब-किताब भी मिला है।

Fairplay-1.com के जरिए डिपॉजिट और विड्राल

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों से विदेशी कनेक्शन से जुड़ी जानकारी सामने आने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस के अनुसार आरोपी Fairplay-1.com वेबसाइट के जरिए डिपॉजिट और विड्राल का काम करते थे। अब पुलिस वेबसाइट से जुड़े नेटवर्क, उसके संचालन और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।

हर महीने 5 से 6 करोड़ रुपए के ट्रांजेक्शन का दावा

जांच में पुलिस को आरोपियों के हर महीने करीब 5 से 6 करोड़ रुपए के ट्रांजेक्शन किए जाने की जानकारी मिली है। इस आधार पर सालभर में लेनदेन का आंकड़ा करीब 60 करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। पुलिस के मुताबिक साइबर फ्रॉड से जुड़े पैसों के लेनदेन में हवाला, यूएसबीटी और म्यूल बैंक अकाउंट के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है।

मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से भी जांच

ग्वालियर पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल को भी शामिल किया गया है। पुलिस यह पता लगा रही है कि नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और विदेशों में बैठे संभावित संचालकों तक पैसों का लेनदेन किस माध्यम से पहुंचता था। पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के मुताबिक जांच आगे बढ़ने के साथ नेटवर्क से जुड़े अन्य नाम और कड़ियां सामने आ सकती हैं।

TMC छोड़ BJP में शामिल हुईं अभिनेत्री कोयल मल्लिक को मिला बड़ा इनाम, पश्चिम बंगाल से मिला राज्यसभा का टिकट

नौकरशाही से सियासत तक: दिव्या मित्तल के बाद एम नागेश्वर राव की राजनीति में एंट्री, क्या UP में बदल रहा ट्रेंड?

पीएम किसान योजना: 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसान पोर्टल पर तुरंत करें ये काम, नहीं अटकेगा पैसा

कोलकाता में मनाया जाएगा 19वां प्रवासी भारतीय दिवस, Gen-Z के लिए विशेष सेगमेंट; शेड्यूल जारी

अगर डॉलर के मुकाबले 99 तक गिरा रुपया, तो महंगा होगा पेट्रोल, पढ़ाई और विदेशी यात्रा, जानें किसको होगा लाभ