Gwalior Crackdown After Sagar Liquor Tragedy: सागर जिले में जहरीली शराब पीने से 24 लोगों की मौत के बाद पुलिस और आबकारी विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए हैं। प्रदेशभर में अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इसी कड़ी में ग्वालियर जिले में पुलिस और आबकारी विभाग ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए दो दिन के भीतर 90 से अधिक प्रकरण दर्ज किए हैं। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में अवैध शराब और शराब बनाने की सामग्री भी जब्त की गई है।
ग्वालियर पुलिस ने अवैध शराब की खरीद-फरोख्त और भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 52 आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। इनमें 30 मामले शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में जबकि 22 मामले डबरा, भितरवार, घाटीगांव और बेहट सर्कल में दर्ज किए गए हैं। इन सभी मामलों में लाखों रुपए की अवैध शराब जब्त की गई है। पुलिस ने करीब 52 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की है। अधिकारियों के अनुसार यह ग्वालियर जिले के इतिहास में एक दिन में दर्ज की गई सबसे बड़ी संयुक्त कार्रवाई मानी जा रही है।
पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ आबकारी विभाग ने भी ग्वालियर संभाग के विभिन्न जिलों में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया। इस दौरान विभाग की टीमों ने कई स्थानों पर छापेमारी कर अवैध शराब, महुआ लाहन और शराब निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री जब्त की। विभाग ने 41 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।
सीएसपी हेडक्वार्टर रॉबिन जैन ने बताया कि अवैध मदिरा के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि संगठित गिरोहों और अवैध शराब के मुख्य स्रोतों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश मैदानी अमले को दिए गए हैं। सागर शराब त्रासदी के बाद जिला प्रशासन अब किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है। पुलिस और आबकारी विभाग का संयुक्त अभियान आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।