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दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या पदयात्रा पहुंची बीनागंज।
79 साल की उम्र में 930 किलोमीटर की प्रस्तावित यात्रा पर निकले पूर्व मुख्यमंत्री।
जयवर्धन सिंह और महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा भी यात्रा में शामिल।
Digvijay Singh Satya Sanatan Swabhiman Yatra: पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' सोमवार को गुना जिले के चाचौड़ा क्षेत्र से गुजरते हुए बीनागंज पहुंची। 79 वर्ष की उम्र में भी दिग्विजय सिंह लगातार पैदल यात्रा कर रहे हैं।
रास्ते में ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने पुष्पमालाओं से उनका स्वागत किया। इस यात्रा में राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह और महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा भी शामिल हैं।
यात्रा की शुरुआत नयापुरा जोड़ से हुई। यहां से पदयात्रियों का काफिला कालापीपल, नेशकलां, कुंडालिया, मेरियाखेड़ी खुर्द, आमासेर, गुंजारी और नाईपुरिया पोलास सहित कई गांवों से होकर गुजरा। दोपहर में भोजन और विश्राम के बाद यात्रा दोबारा शुरू हुई। इस दौरान दिग्विजय ने दुंदाला स्थित गणेश मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद पदयात्रा चाचौड़ा नगर से होते हुए शाम को बीनागंज पहुंची। यहां रैंबल पैलेस गार्डन में पदयात्रियों के भोजन और रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई।
बीनागंज में विधायक जयवर्धन सिंह ने अपने पिता दिग्विजय सिंह की पदयात्राओं और संकल्प का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उम्र उनके लिए कभी बाधा नहीं बनी। भगवान श्री राघौ जी महाराज के आशीर्वाद से दिग्विजय सिंह ने 71 वर्ष की उम्र में पैदल नर्मदा परिक्रमा पूरी की थी। इसके बाद 76 वर्ष की उम्र में राहुल गांधी के साथ कन्याकुमारी से कश्मीर तक करीब 4 हजार किलोमीटर लंबी भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए। अब 79 वर्ष की उम्र में उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा कर रहे हैं।
जयवर्धन सिंह ने कहा कि ये यात्रा केवल दूरी तय करने का माध्यम नहीं बल्कि विचारों और संकल्पों को समाज तक पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने राघौगढ़ रियासत के ध्येय वाक्य का उल्लेख करते हुए सत्य और नीति के रास्ते पर चलने को भगवान श्री राघौ जी महाराज की सच्ची सेवा बताया।
करीब 930 किलोमीटर की प्रस्तावित यात्रा में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे भी उठाए जा रहे हैं। दिग्विजय सिंह सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों सत्य, न्याय, करुणा और सद्भाव का संदेश दे रहे हैं। इसके साथ ही मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर मिलने वाले दान एवं चढ़ावे के उपयोग में पारदर्शिता की मांग भी की जा रही है। यात्रा में चंदा चोरी और वोट चोरी से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया जा रहा है। बीनागंज में रात्रि विश्राम के बाद पदयात्रा अपने अगले पड़ाव की ओर रवाना होने की तैयारी में है।