डिंडोरी में लापरवाही पर छह स्वास्थ्यकर्मियों को कारण बताओ नोटिस।
निरीक्षण के दौरान हर्रा और कूड़ा उपस्वास्थ्य केंद्र मिले बंद।
चार स्वास्थ्यकर्मियों से केंद्र बंद मिलने पर मांगा जवाब।
घानाघाट में नवजात शिशुओं की निर्धारित गृहभेंट नहीं की गई।
Six Health Workers Show Cause Notice Dindori: डिंडोरी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में लापरवाही सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। स्वास्थ्य संस्थाओं के निरीक्षण के दौरान उपस्वास्थ्य केंद्र बंद मिलने और नवजात शिशुओं की निर्धारित गृहभेंट नहीं किए जाने पर छह स्वास्थ्यकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देशन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज पाण्डेय और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता दीवान ने 3 नवंबर 2026 को जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के नियमित संचालन और निर्धारित जिम्मेदारियों के निर्वहन में कई स्तरों पर लापरवाही सामने आई।
निरीक्षण के दौरान डिंडोरी जिले के विकासखंड बजाग का उपस्वास्थ्य केंद्र हर्रा बंद पाया गया। इस पर सीएचएम कांति धुर्वे और एएनएम पुष्पा धुर्वे, दीपिका मरावी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसी तरह विकासखंड डिंडोरी के उपस्वास्थ्य केंद्र कूड़ा में भी ताला लटका मिला। यहां केंद्र बंद पाए जाने पर सीएचओ रोशनी सिंह और एएनएम नंदनी परस्ते से जवाब मांगा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं होने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध अवैतनिक की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उपस्वास्थ्य केंद्र घानाघाट में नवजात शिशुओं की देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवा में भी लापरवाही सामने आई। यहां जन्म से 42 दिनों तक नवजात शिशुओं की नियमित गृहभेंट (एचबीएनसी) किए जाने संबंधी अभिलेखों की जांच की गई। जांच में एएनएम रचना बनाफर और सीएचओ आरती संग्राम द्वारा निर्धारित गृहभेंट नहीं किए जाने की बात सामने आई। इस पर दोनों कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों का नियमित संचालन, स्वास्थ्य सेवाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना प्राथमिकता है। अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही और उदासीनता बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब देखना होगा कि नोटिस के जवाब में संबंधित कर्मचारी क्या स्पष्टीकरण देते हैं और स्वास्थ्य विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है।