शतरंज प्रतियोगिता फोटो सोर्स- नवभारत
दतिया

दतिया में शतरंज प्रतियोगिता की व्यवस्था पर सवाल, सुबह से शाम तक भूखे रहे खिलाड़ी, किट से जूते भी गायब

70th Divisional School Chess Competition: दतिया में 70वीं संभागीय शालेय शतरंज प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को समय पर भोजन नहीं मिलने के आरोप लगे हैं। किट में जूते गायब होने से भी व्यवस्थाओं पर सवाल उठे।

निशांत तिवारी, प्रीतेश जैन

Datia Chess Competition : दतिया जिले में आयोजित 70वीं संभागीय शालेय शतरंज प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के लिए की गई व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रतियोगिता में शामिल दतिया के नन्हे खिलाड़ियों को समय पर भोजन नहीं मिलने का आरोप है। बताया जा रहा है कि बच्चे सुबह से शाम तक भोजन का इंतजार करते रहे। वहीं, खिलाड़ियों को दी गई किट में जूते नहीं होने की बात भी सामने आई है।

प्रतियोगिता में दतिया के अलावा संभाग के अलग-अलग जिलों से खिलाड़ी पहुंचे थे। आरोप है कि आयोजन के दौरान खिलाड़ियों के भोजन की व्यवस्था समय पर नहीं हो सकी। लंबे समय तक भोजन नहीं मिलने के कारण कई बच्चे भूखे रहे। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आए नन्हे खिलाड़ियों के लिए यह स्थिति परेशानी का कारण बनी रही।

मीडिया के संज्ञान में आने के बाद मिला भोजन

बताया जा रहा है कि अन्य जिलों से आए खिलाड़ियों को भी भोजन मिलने में देरी हुई। शाम के समय जब यह मामला मीडिया कर्मियों के संज्ञान में आया, तो इसके बाद खिलाड़ियों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। सवाल यह उठ रहा है कि जब बच्चों के लिए पहले से भोजन की व्यवस्था तय थी, तो उन्हें घंटों तक इंतजार क्यों करना पड़ा।

खिलाड़ियों की किट में जूते भी नहीं

भोजन की अव्यवस्था के अलावा खिलाड़ियों को दी गई किट को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि किट में जूते उपलब्ध नहीं कराए गए। संभागीय स्तर की प्रतियोगिता में अलग-अलग जिलों से बच्चे शामिल होने पहुंचे थे। ऐसे में खिलाड़ियों के लिए भोजन और खेल सामग्री जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं का समय पर उपलब्ध नहीं होना आयोजन की तैयारियों पर सवाल खड़े करता है।

भूखे ही घर लौटे कुछ खिलाड़ी

दतिया जिले के कुछ नन्हे खिलाड़ी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के बाद भोजन की अव्यवस्था के बीच भूखे ही अपने घर लौट गए। बच्चों के अभिभावकों और खेल प्रेमियों ने भी आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि बच्चों को प्रतियोगिता में शामिल कराने के साथ उनकी मूलभूत जरूरतों का ध्यान रखना भी आयोजकों की जिम्मेदारी है।

शिक्षा विभाग की व्यवस्था पर उठे सवाल

पूरे मामले ने शालेय शिक्षा विभाग दतिया की आयोजन व्यवस्था और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल है कि खिलाड़ियों के भोजन और किट जैसी जरूरी व्यवस्थाओं में कथित लापरवाही किस स्तर पर हुई। प्रतियोगिता में शामिल बच्चों को हुई परेशानी को देखते हुए पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग उठ रही है। आयोजकों या शिक्षा विभाग की ओर से मामले पर आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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