Ghanshyam Singh Election Challenge : दतिया विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज कर विधायक बने कांग्रेस नेता घनश्याम सिंह के निर्वाचन को जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। भाजपा नेता और अधिवक्ता दीपक बेलपत्री ने याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि घनश्याम सिंह ने जुलाई 2026 के उपचुनाव के दौरान दाखिल चुनावी हलफनामे में 1991 में दर्ज एक आपराधिक मामले की जानकारी नहीं दी। याचिका में उनका निर्वाचन शून्य घोषित करने की मांग की गई है।
याचिका में करीब 35 साल पुराने आपराधिक मामलों का हवाला दिया गया है। इसके मुताबिक 24 मई 1991 को दतिया के किला चौक पर विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम के दौरान पुलिस ने 22 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसमें घनश्याम सिंह, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती और अन्य लोगों के नाम शामिल होने का दावा किया गया है। याचिका में एक अन्य 1991 के मामले का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें प्रदर्शन के दौरान रास्ता रोकने के आरोप में मामला दर्ज होने की बात कही गई है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि इन पुराने मामलों में सह-आरोपी रहे पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने अपने 2023 के चुनावी हलफनामे में इन प्रकरणों का उल्लेख किया था। इसके विपरीत, याचिका के मुताबिक घनश्याम सिंह ने 2026 के उपचुनाव के लिए दाखिल हलफनामे में दतिया कोतवाली के दो मामलों की जानकारी तो दी, लेकिन 1991 के मामले का उल्लेख नहीं किया। इसी आधार पर याचिकाकर्ता ने चुनावी हलफनामे में जानकारी छिपाने का आरोप लगाया है।
मामले को लेकर घनश्याम सिंह ने मीडिया से कहा कि जिस प्रकरण का हवाला दिया जा रहा है, वह करीब 35 साल पुराना है। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी याचिका की पूरी जानकारी नहीं है और पुलिस या अदालत की ओर से उन्हें आधिकारिक तौर पर इसकी सूचना नहीं मिली है। वहीं याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट में निर्वाचन को रद्द करने की मांग की गई है।
याचिका में घनश्याम सिंह के निर्वाचन को शून्य घोषित करने की मांग की गई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मामले पर प्रारंभिक सुनवाई की संभावना है। फिलहाल निर्वाचन रद्द होने का कोई न्यायिक फैसला नहीं हुआ है और आगे की स्थिति हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई और उसके आदेश पर निर्भर करेगी।