Highlights :
नौगांव नगर पालिका में कथित मैला घोटाले को लेकर पूर्व उपाध्यक्ष ने उठाए सवाल।
सावंत सिंह शीलू राजा ने 18 साल के आय व्यय में गड़बड़ी का लगाया आरोप।
40 लाख रुपये से अधिक की अनियमितता की जताई आशंका।
2024-25 के बजट में सेप्टिक टैंक से 10 हजार रुपये की आय दर्ज होने का दावा।
CMO से जानकारी नहीं मिलने पर भोपाल तक शिकायत करने की बात कही।
Naogaon Municipality Scam News : छतरपुर जिले की नौगांव नगर पालिका में कथित मैला घोटाले को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष सावंत सिंह शीलू राजा ने सेफ्टिक टैंक से होने वाली आय और उस पर किए गए खर्च के हिसाब में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि पिछले 18 साल के रिकॉर्ड की जांच की जाए तो 40 लाख रुपये से अधिक की अनियमितता सामने आ सकती है। इस मामले को लेकर उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से जवाब मांगा है।
पूर्व उपाध्यक्ष सावंत सिंह शीलू राजा ने प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि नौगांव नगर पालिका में सेफ्टिक टैंक से जुड़े कामकाज की आय और खर्च का हिसाब स्पष्ट नहीं है। उनके मुताबिक पिछले 18 वर्षों के दौरान इस व्यवस्था से होने वाली कमाई और उस पर किए गए खर्च की जांच जरूरी है। उन्होंने इसी आधार पर 40 लाख रुपये से अधिक की गड़बड़ी की आशंका जताई है।
पूर्व उपाध्यक्ष ने अपने आरोपों के समर्थन में नगर पालिका के वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट का हवाला दिया। उनका कहना है कि बजट में सेफ्टिक टैंक से नगर पालिका की आमदनी केवल 10 हजार रुपये दर्ज की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस काम से इतनी कम आय दर्ज है तो इसके लिए इस्तेमाल होने वाली गाड़ी पर होने वाला खर्च कहां से और किस मद में किया जा रहा है।
सावंत सिंह शीलू राजा के मुताबिक उन्होंने इस पूरे मामले में जानकारी प्राप्त करने के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी को आवेदन दिया था। हालांकि उनका दावा है कि आवेदन देने के बावजूद अब तक मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। जानकारी नहीं मिलने के बाद उन्होंने नगर पालिका के आय व्यय के रिकॉर्ड पर सवाल उठाए हैं।
पूर्व उपाध्यक्ष ने मामले में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कराने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा है कि जरूरत पड़ने पर इस मामले की शिकायत भोपाल स्तर तक की जाएगी।
इस मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सेप्टिक टैंक से नगर पालिका को वास्तव में कितनी आय हुई और पिछले वर्षों में इस व्यवस्था पर कितना खर्च किया गया? आरोपों की सच्चाई रिकॉर्ड की जांच और नगर पालिका प्रशासन के जवाब के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।