जटाशंकर मंदिर में पानी फोटो सोर्स- नवभारत
छतरपुर

छतरपुर में जलमग्न हुआ 'बुंदेलखंड का केदारनाथ', जटाशंकर धाम में उमड़ा श्रद्धा और प्रकृति का सैलाब

Chhatarpur Rain News : छतरपुर में लगातार बारिश के बाद जटाशंकर धाम जलधाराओं और झरनों से सराबोर हो गया है। 'बुंदेलखंड का केदारनाथ' कहे जाने वाले धाम की खूबसूरती देखते ही बन रही है।

शिबम दीक्षित, प्रीतेश जैन

Chhatarpur Jatashankar Dham : छतरपुर जिले में लगातार हो रही झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित है, लेकिन प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल जटाशंकर धाम का प्राकृतिक सौंदर्य और भी निखर गया है। बारिश के बाद पूरा धाम पानी से सराबोर नजर आ रहा है। पहाड़ियों से गिरता पानी, झरनों का बहाव और कुंडों में बढ़ता जलस्तर यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है।

जटाशंकर धाम बुंदेलखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। प्राकृतिक पहाड़ियों के बीच स्थित यह धाम भगवान शिव को समर्पित है। श्रद्धालु इसे 'बुंदेलखंड का केदारनाथ' भी कहते हैं। यहां सालभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।

पहाड़ियों से गिरते झरनों ने बढ़ाई खूबसूरती

लगातार बारिश के बाद जटाशंकर धाम का प्राकृतिक स्वरूप बेहद मनमोहक हो गया है। ऊंची पहाड़ियों के बीच से बारिश का पानी तेज धाराओं के रूप में नीचे उतर रहा है और कुंडों तक पहुंच रहा है। चारों तरफ फैली हरियाली और पानी की कलकल करती धाराएं यहां आने वाले लोगों को आकर्षित कर रही हैं।

बारिश में प्राकृतिक कुंड हुए लबालब

बारिश के बाद जटाशंकर धाम में मौजूद प्राकृतिक कुंडों का जलस्तर बढ़ गया है। चट्टानों के बीच से बहता पानी और पहाड़ियों से गिरते झरने किसी खूबसूरत प्राकृतिक चित्र की तरह नजर आ रहे हैं। इस मनोरम दृश्य को देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से भी लोग जटाशंकर धाम पहुंच रहे हैं।

दुर्लभ जड़ी-बूटियों के लिए भी प्रसिद्ध

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार जटाशंकर धाम की पहाड़ियों पर कई तरह की दुर्लभ जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं। बारिश का पानी प्राकृतिक रूप से पहाड़ियों से होकर बहता हुआ यहां बने कुंडों तक पहुंचता है। यही वजह है कि मानसून के दौरान इस क्षेत्र का प्राकृतिक सौंदर्य और भी खास हो जाता है।

आस्था के साथ प्रकृति का अद्भुत संगम

बारिश और जलधाराओं के बीच श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन कर अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि बारिश के मौसम में जटाशंकर धाम का स्वरूप पूरी तरह बदल जाता है। यहां धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति के अद्भुत रूप का अनुभव भी होता है।

तेज जलप्रवाह में सावधानी जरूरी

हालांकि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्र में फिसलन के साथ कई जगह तेज जलप्रवाह भी देखने को मिल रहा है। ऐसे में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जलधाराओं, कुंडों और गहरे पानी के आसपास विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। फिलहाल बारिश ने जटाशंकर धाम को हरियाली और जलधाराओं से सजा दिया है और यहां का मनोरम दृश्य लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

PM Modi-Meloni: मेलोनी की बड़ी उपलब्धि पर PM मोदी ने दी बधाई, कहा- दोस्ती ने मजबूत की भारत-इटली साझेदारी

Delhi CJP Protest LIVE: संसद मार्ग थाने पहुंचे CJP समर्थक, निशु के साथ आए चंद्रशेखर आजाद; भारद्वाज ने दी सफाई

निशु आजाद के साथ संसद मार्ग थाना पहुंचे CJP समर्थक, स्वतंत्र भारद्वाज पर कार्रवाई की मांग, भारी पुलिस बल तैनात

Air India Flight Incident: पायलट साइको-एक्टिव पदार्थ टेस्ट में पॉजिटिव, AAIB ने DGCA से कार्रवाई की सिफारिश की

IndiGo Flight Accident: श्रीनगर एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा, पार्किंग के दौरान पोल से टकराया इंडिगो का विमान