नवजात और मां की मौत फोटो सोर्स- नवभारत
छतरपुर

छतरपुर जिला अस्पताल में पहले नवजात की मौत, फिर मां ने तोड़ा दम, परिजन बोले- खून के लिए भटके पर नहीं मिली मदद

Chhatarpur Mother Newborn Death : छतरपुर जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत के बाद मां ने भी दम तोड़ दिया। परिवार ने समय पर ब्लड नहीं मिलने का आरोप लगाया है।

शिबम दीक्षित, प्रीतेश जैन

Chhatarpur District Hospital : छतरपुर जिला अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराई गई एक आदिवासी महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और ब्लड की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मृतका के परिजनों का आरोप है कि महिला के शरीर में खून की कमी थी और अस्पताल पहुंचने के बाद वे लगातार ब्लड की व्यवस्था के लिए भटकते रहे, लेकिन समय पर खून उपलब्ध नहीं हो सका।

पूरा मामला छतरपुर जिले के ग्राम सिंगरोन का बताया जा रहा है। यहां रहने वाली संध्या आदिवासी को प्रसव पीड़ा होने के बाद परिजन पहले बमीठा अस्पताल लेकर पहुंचे थे। महिला की हालत गंभीर होने के चलते वहां मौजूद डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए छतरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन महिला को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे।

डॉक्टरों ने बताई खून की कमी

परिजनों के मुताबिक, छतरपुर जिला अस्पताल में संध्या आदिवासी को भर्ती किया गया। यहां डॉक्टरों ने महिला के शरीर में खून की कमी बताई थी। इसके बाद परिवार के सामने तत्काल ब्लड की व्यवस्था करने की चुनौती खड़ी हो गई। परिजनों का कहना है कि उन्होंने अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों से भी मदद मांगी और ब्लड उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किए।

खून के लिए अस्पताल और ब्लड बैंक के चक्कर लगाने का आरोप

परिवार का आरोप है कि वे ब्लड के इंतजाम के लिए अस्पताल और ब्लड बैंक के चक्कर लगाते रहे। परिजनों के मुताबिक, उन्होंने समय पर खून उपलब्ध कराने के लिए कर्मचारियों से गुहार लगाई, लेकिन उन्हें तत्काल ब्लड नहीं मिल सका। इसी दौरान प्रसूता की हालत बिगड़ती चली गई। हालांकि, घटना में चिकित्सकीय तौर पर मौत की वास्तविक वजह क्या रही, यह आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

पहले बच्चे ने दम तोड़ा, फिर मां की मौत

परिजनों के अनुसार, संध्या को लेबर रूम में ले जाया गया, जहां प्रसव के दौरान नवजात बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत की जानकारी मिलने के बाद प्रसूता की हालत भी गंभीर हो गई और उसने दम तोड़ दिया। एक ही परिवार में मां और नवजात की मौत के बाद परिजनों में मातम पसरा हुआ है।

अस्पताल की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

इस घटना के बाद छतरपुर जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं और ब्लड बैंक की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। परिवार का आरोप है कि यदि समय पर ब्लड उपलब्ध हो जाता तो स्थिति अलग हो सकती थी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अस्पताल में उस समय संबंधित ब्लड ग्रुप उपलब्ध था या नहीं और इलाज के दौरान चिकित्सकीय स्तर पर क्या-क्या कदम उठाए गए। मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

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