Bageshwar Dham (Source. Pinterest) 
छतरपुर

बागेश्वर धाम का तीन दिवसीय श्रीलंका दौरा, पूर्व PM महिन्द राजपक्ष से की मुलाकात; युवाओं को दिया यह संदेश

Dhirendra Shastri Message To Youth: बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने श्रीलंका दौरे पर अशोक वाटिका के किए दर्शन, पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को भेंट की 'साधु जी सीता' पुस्तक।

सजल रघुवंशी

Dhirendra Shastri Shri Lanka Visit: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों तीन दिवसीय श्रीलंका दौरे पर हैं। उनकी इस यात्रा को धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। श्रीलंका पहुंचने के बाद उन्होंने कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन किए और वहां के हिंदू समाज से संवाद स्थापित किया। उनकी यात्रा को लेकर श्रीलंका में बसे हिंदू समुदाय के बीच विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।

यात्रा के पहले दिन पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ऐतिहासिक अशोक वाटिका पहुंचकर माता सीता और भगवान हनुमान से जुड़े पवित्र स्थलों के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने कोलंबो स्थित मयूरापति भद्रकाली मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु मौजूद रहे और उन्होंने बागेश्वर सरकार का गर्मजोशी से स्वागत किया।

महेंद्र राजपक्षे से हुई विशेष मुलाकात

श्रीलंका दौरे के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की मुलाकात श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री महेंद्र राजपक्षे से भी हुई। इस दौरान दोनों के बीच सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक मूल्यों, सामाजिक सेवा और भारत-श्रीलंका के ऐतिहासिक संबंधों पर विस्तृत चर्चा हुई। बागेश्वर सरकार ने महेंद्र राजपक्षे को बागेश्वर बालाजी की पावन पट्टिका और अपनी पुस्तक "साधु जी सीता" भेंट की। उन्होंने कहा कि भारत और श्रीलंका का रिश्ता केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि सनातन परंपरा और माता सीता की स्मृतियों से जुड़ा हुआ है।

बागेश्वर धाम की सामाजिक गतिविधियों की दी जानकारी

चर्चा के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बागेश्वर धाम द्वारा संचालित सामाजिक कार्यों की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि धाम में जरूरतमंद बेटियों के सामूहिक विवाह कराए जाते हैं और विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियां संचालित की जाती हैं। उन्होंने निर्माणाधीन कैंसर अस्पताल का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यह परियोजना गरीब और जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

युवाओं को दिया संस्कार और नशामुक्ति का संदेश

अपने संबोधन में बागेश्वर सरकार ने श्रीलंका के युवाओं को नशामुक्त जीवन, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति यदि सकारात्मक सोच और संस्कृति के मूल्यों के साथ आगे बढ़े तो समाज और राष्ट्र दोनों का भविष्य उज्ज्वल बन सकता है। जानकारों का मानना है कि यह यात्रा भारत और श्रीलंका के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को और अधिक मजबूत करने में सहायक साबित होगी।

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