Burhanpur Flooded Bridge: बुरहानपुर जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। शुक्रवार शाम ग्राम घाघरला और डालमहू के बीच स्थित पुल पर तेज बहाव के साथ पानी पुल के ऊपर से बहने लगा, जिससे दोनों गांवों के बीच आवागमन प्रभावित हो गया। हालात ऐसे बने कि पुल पूरी तरह पानी में डूब गया, लेकिन मजबूरी में ग्रामीण और राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते पानी के बीच पुल पार करते नजर आए। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में यह समस्या हर साल सामने आती है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया है। ग्रामीण हरिओम ने बताया कि सड़क का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन पुल की ऊंचाई पर्याप्त नहीं होने के कारण थोड़ी सी बारिश में ही पानी पुल के ऊपर से बहने लगता है। इससे घाघरला, डालमहू सहित आसपास के कई गांवों का संपर्क घंटों तक टूट जाता है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार, तेज बारिश के दौरान लोगों के सामने दो ही विकल्प बचते हैं—या तो घंटों पानी उतरने का इंतजार करें या फिर अपनी जान जोखिम में डालकर पुल पार करें। इस स्थिति का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और दैनिक आवागमन करने वाले लोगों पर पड़ता है। कई बार आपातकालीन स्थिति में भी लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती।
ग्रामीण नेमीदास ने बताया कि यदि पुल की ऊंचाई करीब पांच फीट बढ़ा दी जाए तो बारिश का पानी आसानी से नीचे से निकल सकेगा और पुल पर जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी। उन्होंने बताया कि यह पुल कई वर्षों पुराना और जर्जर हो चुका है। नई सड़क बनने के बावजूद पुराने पुल का पुनर्निर्माण नहीं किया गया, बल्कि केवल मरम्मत कर उसे उपयोग में रखा गया है, जिससे हर बारिश में यही स्थिति बन जाती है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि बरसात के दौरान लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुराने पुल के स्थान पर नया, मजबूत और ऊंचा पुल बनाया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल उफनते नाले के बीच जान जोखिम में डालकर पुल पार करते ग्रामीणों की तस्वीरें प्रशासनिक दावों और विकास कार्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।