बीएसएफ जवान को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, डबल बेंच ने पुनर्नियुक्ति के दिए निर्देश

High Court Relief: इंदौर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने शिवपुरी निवासी राहुल जाटव को बड़ी राहत देते हुए बीएसएफ में पुनर्नियुक्ति के आदेश दिए हैं, पहले इंदौर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने इसे ख़ारिज कर दिया था ।
Indore High Court grants relief to BSF jawan Rahul Jatav, directing the Border Security Force to reinstate him after his acquittal in a criminal case.
इंदौर हाईकोर्ट (फोटो - सोशल मीडिया )
Updated on

Indore High Court Orders: इंदौर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने सीमा सुरक्षा बल में भर्ती से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में शिवपुरी निवासी राहुल जाटव को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने बीएसएफ को निर्देश दिए हैं कि राहुल जाटव को दोबारा सेवा में नियुक्त किया जाए। यह फैसला उस मामले में आया है, जिसमें राहुल को भर्ती के समय लंबित आपराधिक प्रकरण की जानकारी स्वयं देने के बावजूद नौकरी से हटा दिया गया था। बाद में उसी मामले में बरी होने के बावजूद विभाग ने उन्हें दोबारा नियुक्त नहीं किया था।

भर्ती के समय दी थी पूरी जानकारी

जानकारी के अनुसार राहुल जाटव ने स्टाफ सिलेक्शन कमीशन की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अक्टूबर 2023 में बीएसएफ में नियुक्ति प्राप्त की थी। जॉइनिंग के दौरान उन्होंने डिक्लेरेशन फॉर्म में ईमानदारी से अपने खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 323 और 325 के तहत लंबित आपराधिक प्रकरण की जानकारी दी थी। इसके बावजूद नवंबर 2023 में विभाग ने उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं।

बरी होने के बाद भी नहीं मिली नौकरी

सेवा समाप्त होने के कुछ समय बाद संबंधित आपराधिक मामले में सक्षम न्यायालय ने राहुल जाटव को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। इसके बाद उन्होंने बीएसएफ में पुनर्नियुक्ति के लिए आवेदन किया, लेकिन विभाग ने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके खिलाफ राहुल ने पहले इंदौर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में याचिका दायर की, जिसे खारिज कर दिया गया।

यह भी पढें:

डबल बेंच ने दिया राहत का आदेश

सिंगल बेंच के फैसले के बाद अधिवक्ता अमृता जैन के माध्यम से वर्ष 2024 में इंदौर हाईकोर्ट डबल बेंच के समक्ष रिट अपील दायर की गई। मामले की सुनवाई के बाद 25 जून 2026 को डबल बेंच ने राहुल जाटव के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बीएसएफ को तत्काल पुनर्नियुक्ति देने के निर्देश जारी किए।

राहुल जाटव की ओर से पैरवी कर रहीं अधिवक्ता अमृता जैन ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के पालन के लिए जल्द ही बीएसएफ अधिकारियों को प्रतिवेदन सौंपा जाएगा। विभाग की कार्रवाई के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी। इस फैसले को उन अभ्यर्थियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिन्होंने भर्ती प्रक्रिया के दौरान अपने खिलाफ लंबित मामलों की जानकारी ईमानदारी से दी है।

Navbharat Live
navbharatlive.com