बुरहानपुर में प्राकृतिक आपदा की वजह से बिगड़ी केला की फसल (सोर्स- सोशल मीडिया) 
बुरहानपुर

बुरहानपुर में प्राकृतिक आपदा का तांडव, 300 करोड़ की केला फसल तबाह; कलेक्टर के दरबार में पहुंचे बेबस अन्नदाता

Maratha Seva Sangh Krishi Memorandum: बुरहानपुर में प्राकृतिक आपदा से 300 करोड़ की केला फसल बर्बाद हो गई। मराठा सेवा संघ कृषि के बैनर तले किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।

सजल रघुवंशी

Burhanpur Banana Crop Damage: बुरहानपुर जिले में लगातार आ रही प्राकृतिक आपदाओं ने किसानों की कमर तोड़ दी है। आंधी, तूफान और खराब मौसम के चलते जिले में करोड़ों रुपए की केला फसल बर्बाद हो चुकी है। हालात इतने खराब हैं कि किसान अब अपने बच्चों की पढ़ाई और खेतों की देखभाल के लिए भी आर्थिक मदद मांगने को मजबूर हैं। इसी मांग को लेकर मराठा सेवा संघ कृषि के बैनर तले किसानों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

बुरहानपुर जिले में पिछले एक माह से लगातार मौसम की मार पड़ रही है। तेज आंधी, तूफान और बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। जिले की प्रमुख नकदी फसल केला सबसे अधिक प्रभावित हुई है। किसानों के अनुसार जिले में करीब 300 करोड़ रुपए की केला फसल बर्बाद हो चुकी है,फसलों के नुकसान से किसान गहरे आर्थिक संकट में आ गए हैं।

किसानों को नहीं मिला बीमा योजना का लाभ?

कई किसानों के सामने अब खेतों से गिरी और खराब हो चुकी फसल को हटाने तक के लिए पैसे नहीं बचे हैं। वहीं बच्चों की पढ़ाई, खेती की लागत और घरेलू खर्चों की चिंता भी बढ़ती जा रही है। किसानों का आरोप है कि उन्हें न तो फसल बीमा योजना का लाभ मिल रहा है और न ही नुकसान के अनुपात में पर्याप्त मुआवजा।

राहत राशि ऊंट के मुंह में जीरा के समान- किसान

किसानों का कहना है कि जो राहत राशि मिलती है, वह नुकसान की तुलना में ऊंट के मुंह में जीरा साबित होती है,इन्हीं समस्याओं को लेकर शाहपुर क्षेत्र के किसान मराठा सेवा संघ कृषि के बैनर तले एकत्रित हुए और कलेक्टर के नाम ज्ञापन  सौंपा। किसानों ने मांग की कि प्रभावित किसानों को विशेष राहत पैकेज दिया जाए, फसल बीमा का लाभ सुनिश्चित किया जाए और खेती के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा के लिए भी आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

प्राकृतिक आपदा से दगमगाई आर्थिक स्थिति

किसानों का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं ने उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह से बिगाड़ दी है। यदि जल्द राहत नहीं मिली तो आने वाले समय में खेती करना और परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो जाएगा। लगातार प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहे बुरहानपुर जिले के किसान अब सरकार से बड़ी राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। देखना होगा कि किसानों की इन मांगों पर प्रशासन और सरकार क्या कदम उठाती है।

युद्धाभ्यास में शामिल हुए घातक अपाचे! भारत-अमेरिका की सेनाओं का ये तालमेल दुश्मनों की उड़ा देगा नींद

SIR: 10 महीने में 14 आपत्तियों की रिपोर्ट, चुनाव आयोग ने दावों पर दी सफाई, कहा- सर्वसम्मति से लिए गए फैसले

Chintan Shivir: आज से PM नरेंद्र मोदी और कैबिनेट मंत्रियों की अहम बैठक, मंत्रालयों के कामकाज पर होगी चर्चा

आयुष्मान भारत योजना के 8 साल पूरे, PM नरेंद्र मोदी ने बताया दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थकेयर स्कीम

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर पहली बार मूवेबल क्रॉसिंग तकनीक का इस्तेमाल, 2027 में पहले सेक्शन पर शुरू होगी सेवा !