MP Water Crisis News: मध्य प्रदेश के कई आदिवासी इलाकों में गहराते जल संकट को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार में मध्य प्रदेश प्यास से तड़प रहा है और हालात लगातार भयावह होते जा रहे हैं।
उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि आदिवासी क्षेत्रों में महिलाएं कई-कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। वहीं बच्चे जान जोखिम में डालकर गड्ढों से पानी निकाल रहे हैं और हजारों परिवार गंदा पानी पीने को विवश हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जल संकट अब गंभीर स्थिति में पहुंच चुका है।
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौसम विभाग ने पहले ही भीषण गर्मी की चेतावनी जारी कर दी थी, इसके बावजूद सरकार की तैयारी पूरी तरह फेल साबित हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार कर्ज ले रही है, लेकिन जल योजनाएं जमीन पर दिखाई नहीं दे रही हैं।
उमंग सिंघार ने सरकार पर विज्ञापनों और इवेंट मैनेजमेंट पर फोकस करने का आरोप लगाते हुए कहा कि करोड़ों रुपए प्रचार पर खर्च किए जा रहे हैं, जबकि आम जनता के हिस्से में प्यास, अव्यवस्था और बदहाली आ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सालों से सरकार में रहने और हजारों करोड़ रुपए खर्च होने के बावजूद लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है, तो आखिर यह पैसा कहां जा रहा है।
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सीहोर की इछावर विधानसभा के दर्जनों गांवों और डिंडोरी के खमरिया गांव में ग्रामीण बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। नवभारत की टीम ने ग्राउंड पर जाकर हालात को जायजा लिया और खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद सिंघार का ये रिएक्शन सामने आया है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।