Reservation controversy Bhopal: भोपाल के जम्बूरी मैदान में आयोजित राजा हिरदेशाह लोधी की शौर्य यात्रा में पूर्व सीएम उमा भारती ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा 'देश में सामाजिक बराबरी के लिए आरक्षण जरूरी है।'
उन्होंने कहा 'जब तक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और चीफ जस्टिस के परिवार के लोग एक साथ सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ेंगे, तब तक आरक्षण कोई माई का लाल नहीं छीन सकता। भारतीय समाज लंबे समय तक जातिगत आधार पर बंटा रहा और आर्थिक असमानताएं गहरी रहीं। ऐसे में आरक्षण उस विषमता को कम करने का एक बड़ा प्रयास है। बराबरी सिर्फ कानून से नहीं, बल्कि व्यवहार में बदलाव से आएगी। जब देश के शीर्ष पदों पर बैठे लोगों के बच्चे भी सरकारी स्कूलों में पढ़ेंगे, तब शिक्षा व्यवस्था और समाज दोनों में वास्तविक समानता आएगी।'
आरक्षण के मसले पर 12 जून 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी बयान दिया था। शिवराज अनुसूचित जाति जन जाति अधिकारी कर्मचारी संघ द्वारा भोपाल में आयोजित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा था 'हमारे रहते हुए कोई माई का लाल आरक्षण खत्म नहीं कर सकता। नया कानून आने तक यह जारी रहेगा।' इसके बाद हुए 2018 के विधानसभा चुनाव में मध्य प्रदेश में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था।
अपने बयानों और कारनामों को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाले पिछोर से बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी ने राजा हिरदेशाह लोधी की शौर्य यात्रा में कल्याण सिंह और उमा भारती को भारत रत्न देने की मांग की। प्रीतम लोधी ने कहा 'जब हेमा मालिनी के धर्मेंद्र को भारत रत्न मिल सकता है तो हमारे कल्याण सिंह को क्यों नहीं मिल सकता? जिस ओर जवानी चलती है उस ओर जमाना चलता है। मैं जब जवानी देखने निकलता हूं तो आज की जवानी ताश के पत्तों में मिलती है। शराब की दुकान में मिलती है। हम जब जवान हुआ करते थे तब हमारे समाज के 2–2 मुख्यमंत्री हुआ करते थे। आज जीरो हैं। भारत में कम से कम एक लोधी को तो मुख्यमंत्री होना चाहिए।'
राजा हिरदेशाह लोधी (हृदयशाह) बुंदेलखंड के एक महान स्वतंत्रता सेनानी और हीरापुर रियासत के राजा थे, जिन्होंने 1842 में अंग्रेजों के खिलाफ सशस्त्र क्रांति का नेतृत्व किया था। नरसिंहपुर जिले से ताल्लुक रखने वाले राजा हिरदेशाह ने अंग्रेजों के विरुद्ध छापामार युद्ध लड़ा और बुंदेलखंड के कई इलाकों में अंग्रेजी सेना को कड़ी टक्कर दी थी।