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भोपाल

विभाग की लापरवाही, भुगत रहे गरीब शिक्षक? 'ब्रिज कोर्स' न होने से रुकी सैलरी और इंक्रीमेंट; जानें पूरा मामला

MP News: प्राथमिक शिक्षकों के प्रोबेशन पीरियड को लेकर विरोध तेज हो गया है। 3 साल में भी अनिवार्य ब्रिज कोर्स न कराने के विरोध में TTA ने सीएम को पत्र लिखकर सशर्त प्रोबेशन समाप्त करने की मांग की है।

सजल रघुवंशी

Mp Teacher Probation Period Dispute 2026: मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नए शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग द्वारा लागू किए गए नए नियम ने हजारों प्राथमिक शिक्षकों की चिंता बढ़ा दी है। नए प्रावधान के तहत बीएड धारक शिक्षकों के प्रोबेशन पीरियड पर रोक जैसी स्थिति बन गई है, जिससे उनका भविष्य अधर में लटकता नजर आ रहा है।

शिक्षकों की नियुक्ति हुए अब तीन साल का समय पूरा हो चुका है। नियमों के अनुसार इस अवधि के बाद उनका प्रोबेशन यानी परिवीक्षा काल समाप्त हो जाना चाहिए था, लेकिन विभाग ने इसके लिए छह महीने का ब्रिज कोर्स अनिवार्य कर दिया है। गौरतलब है कि यह ब्रिज कोर्स आयोजित कराने का जिम्मा खुद विभाग ने उठाया था लेकिन बीते तीन सालों में विभाग इसे संचालित नहीं कर सका।

विभाग के खिलाफ तेज हुए विरोध के सुर

अब विभाग के इस बड़े फैसले के खिलाफ जमीनी स्तर पर विरोध तेज होता दिख रहा है। ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन ने इस पूरे मुद्दे को लेकर मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर मांग की है कि शिक्षकों का प्रोबेशन पीरियड तत्काल समाप्त किया जाए। एसोसिएशन का कहना है कि विभागीय लापरवाही और व्यवस्था की खामियों का खामियाजा गरीब शिक्षकों को नहीं भुगतना चाहिए।

शिक्षकों को हो रहीं यह परेशानियां

प्रोबेशन पीरियड समय पर पूरा नहीं होने से शिक्षक गंभीर आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। परिवीक्षा अवधि लंबित रहने के कारण उन्हें पूरा वेतनमान नहीं मिल पा रहा है। साथ ही उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) भी रुकी हुई है। इतना ही नहीं, इस वजह से कई शिक्षक अपनी पसंदीदा जगहों पर तबादला कराने से भी वंचित हैं, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं।

अपनी जेब से कोर्स के लिए शिक्षकों ने भरी फीस

एसोसिएशन ने मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव को भेजे पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि कई शिक्षकों ने ब्रिज कोर्स के लिए स्वयं नामांकन कराया और अपनी जेब से फीस तक जमा की। इससे यह स्पष्ट होता है कि शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों को लेकर गंभीर हैं और सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए तैयार हैं।

शिक्षकों ने रखा यह व्यावहारिक सुझाव

एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके सिंगौर ने सरकार को एक व्यावहारिक सुझाव भी दिया है। उनका कहना है कि जिन शिक्षकों ने ब्रिज कोर्स की फीस जमा कर दी है, उनका प्रोबेशन समाप्त कर दिया जाए। साथ ही सरकार आदेश में यह शर्त जोड़ सकती है कि निर्धारित समय सीमा में कोर्स पास नहीं करने पर संबंधित शिक्षक की सेवा समाप्त मानी जाएगी। उनके अनुसार इससे शासन के नियमों का पालन भी सुनिश्चित होगा और शिक्षकों को राहत भी मिल सकेगी।

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