स्वामित्व योजना के विरोध में पटवारियों का प्रदर्शन फोटो सोर्स- सोशल मीडिया
भोपाल

पहले ही दिन अटकी स्वामित्व योजना: भोपाल में होनी थी 6 हजार रजिस्ट्री, पटवारियों के विरोध के चलते 1 भी नहीं हुई

Swamitva Yojana Patwari Protest : स्वामित्व योजना के तहत भोपाल में पहले दिन 6 हजार रजिस्ट्री का लक्ष्य था, लेकिन पटवारियों के विरोध के कारण एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई। भिंड में भी काम शुरू नहीं हो सका।

प्रीतेश जैन

Patwari Registry Dispute : मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को उनके मकानों और भूखंडों का मालिकाना हक देने की प्रक्रिया पहले ही दिन पटवारियों के विरोध के कारण अटक गई। भोपाल जिले में 17 सितंबर से 41,726 निःशुल्क रजिस्ट्रियां की जानी हैं।

पहले दिन करीब 6 हजार रजिस्ट्रियों का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए पंचायतों में शिविर भी लगाए गए, लेकिन पटवारियों के विरोध के चलते एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी। भिंड में भी यही हाल देखने को मिला।

भोपाल में 150 पटवारियों को दी गई जिम्मेदारी

भोपाल जिले में करीब 250 पटवारी हैं, जिनमें से 150 को स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री की जिम्मेदारी दी गई है। एक पटवारी को करीब 40 रजिस्ट्रियां कराने का काम दिया गया है। रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और इसके लिए पटवारी की आईडी का इस्तेमाल किया जाना है। हालांकि, पटवारियों के विरोध के कारण योजना के तहत रजिस्ट्री की शुरुआत नहीं हो सकी।

निष्पादक बनाए जाने पर पटवारी संघ को आपत्ति

पटवारी संघ का विरोध रजिस्ट्री प्रक्रिया में उन्हें निष्पादक बनाए जाने को लेकर है। पटवारियों का कहना है कि भविष्य में संबंधित मकान या जमीन को लेकर कोई कानूनी विवाद खड़ा हुआ तो निष्पादक होने के कारण उन्हें भी इसमें फंसाया जा सकता है। इसी आशंका के चलते पटवारी इस व्यवस्था का विरोध कर रहे हैं और रजिस्ट्री के दस्तावेजों में अपना नाम दर्ज किए जाने पर आपत्ति जता रहे हैं।

रजिस्ट्री में ‘मध्यप्रदेश शासन’ का नाम लिखने की मांग

पटवारियों की मांग है कि स्वामित्व योजना के तहत होने वाली रजिस्ट्री में उनका नाम दर्ज नहीं किया जाए। इसके स्थान पर दस्तावेज में ‘मध्यप्रदेश शासन’ का नाम लिखा जाए। पटवारियों का कहना है कि जब रजिस्ट्री शासन के निर्देश पर की जा रही है तो भविष्य में इसकी जिम्मेदारी भी शासन की होनी चाहिए। उनका तर्क है कि दस्तावेजों में पटवारी का नाम होने से भविष्य के विवादों में उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय होने की आशंका बनी रहेगी।

अपर कलेक्टर बोले- बातचीत चल रही है

भोपाल के अपर कलेक्टर सुमित पांडे ने पटवारियों के विरोध के कारण रजिस्ट्री नहीं होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में बातचीत चल रही है। हालांकि, पंचायतों में लगाए गए शिविरों में गिरदावरी और दूसरे काम किए गए। यानी रजिस्ट्री का काम भले ही शुरू नहीं हो सका, लेकिन शिविरों में अन्य राजस्व संबंधी गतिविधियां जारी रहीं।

भिंड में भी शुरू नहीं हो सका रजिस्ट्री का काम

भोपाल के साथ भिंड जिले में भी स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी के भूखंडों की रजिस्ट्री पटवारियों के विरोध के कारण शुरू नहीं हो सकी। गुरुवार से रजिस्ट्री शुरू होनी थी, लेकिन जिले के किसी भी ग्रामीण क्षेत्र में एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई। योजना के नोडल अधिकारी और एडीएम राजन बी नाडिया ने भी इसकी पुष्टि की है। यहां भी रजिस्ट्री के दस्तावेजों में पटवारी का नाम दर्ज किए जाने को लेकर विरोध सामने आया है।

आश्वासन के बावजूद पटवारी व्यवस्था से सहमत नहीं

राजस्व विभाग के मुख्य सचिव की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि स्वामित्व योजना से जुड़े विवादों में पटवारियों को दूर रखा जाएगा। इसके बावजूद पटवारी इस व्यवस्था से सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि केवल भविष्य के विवादों से दूर रखने का आश्वासन पर्याप्त नहीं है। उनकी मांग है कि रजिस्ट्री के दस्तावेजों में भी पटवारी का नाम नहीं होना चाहिए। अब बातचीत के जरिए इस विवाद का समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।

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