नियाज खान और उनकी पोस्ट (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
भोपाल

रिटायर्ड IAS नियाज खान के बयान पर विवाद, आबादी नियंत्रण को लेकर जबरन नसबंदी की मांग से मचा बवाल

Bhopal News: मध्यप्रदेश के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी नियाज खान ने सोशल मीडिया पर आबादी नियंत्रण को लेकर जबरन नसबंदी की मांग की है। उनके बयान में मुस्लिम समुदाय का उल्लेख होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है।

प्रीतेश जैन

Niyaz Khan Population Statement: मध्यप्रदेश कैडर के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी और लेखक नियाज खान एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। डॉन अबू सलेम की प्रेम कहानी और ‘ब्राह्मण द ग्रेट’ जैसे उपन्यासों के लेखक रह चुके नियाज खान ने देश में बढ़ती आबादी को लेकर X पर एक विवादित टिप्पणी की है। उनके पोस्ट में जबरन नसबंदी लागू करने की बात कही गई है, जिसमें मुस्लिम समुदाय का भी उल्लेख किया गया है। पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस तेज हो गई है।

शुक्रवार सुबह किए गए अपने पोस्ट में नियाज खान ने लिखा कि 'देश की डेढ़ अरब आबादी नासूर बन गई है। अब समय आ गया है कि लोगों की जबरदस्ती नसबंदी करने पर विचार किया जाए। या लोग खुद नसबंदी कराएं या सरकार जबरिया नसबंदी करे। मुस्लिम के यहां ज्यादा बच्चे होते हैं इसलिए कड़ाई से उनकी भी नसबंदी हो। अगर हम यह नहीं करते तो भविष्य अंधकारमय है।' उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आबादी नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।

देश को खोखला कर रहा भ्रष्टाचार

इसी दिन किए गए एक अन्य पोस्ट में नियाज खान ने देश में भ्रष्टाचार और राजनीतिक व्यवस्था पर भी टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि प्रचंड भ्रष्टाचार देश को खोखला कर रहा है। लोग मौन धारण किए हुए हैं। मुफ्त की सुविधाओं में मस्त हैं। भ्रष्ट लोगों को चुनाव जितवाते हैं। लोगों का जमीर और आत्मा दोनों मर गई है। हम इसके बाद भी सुपरपावर बनना चाहते हैं। जहां ऐसे नागरिक हों क्या सुपरपावर बना जा सकता है। अंधविश्वास भी है।

सत्ता के लिए रातो-रात विचारधारा बदल लेते हैं नेता

गुरुवार को किए गए एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने देश में वैचारिक संकट का जिक्र करते हुए कहा कि कई नेता सत्ता के लिए रातो-रात अपनी विचारधारा बदल लेते हैं। उनके अनुसार धर्मनिरपेक्ष नेता भी परिस्थितियों के अनुसार कट्टरपंथी रुख अपनाने लगते हैं, जबकि आम नागरिक केवल मूक दर्शक बनकर रह जाते हैं और उनकी भूमिका सीमित हो जाती है।

बयान पर उठ रहे सवाल

नियाज खान इससे पहले भी अपने सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर दिए गए बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। उनके ताजा पोस्ट पर सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग आबादी नियंत्रण पर चर्चा की आवश्यकता बता रहे हैं, जबकि कई यूजर्स उनके समुदाय विशेष से जुड़े बयान की आलोचना कर रहे हैं।

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