Rajneesh Agrawal Rajya Sabha Candidate: मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ा दांव खेला है। पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा की अनुशंसा और केंद्रीय नेतृत्व की हरी झंडी के बाद रजनीश अग्रवाल का नाम राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर तय कर दिया गया है। इस बार राज्यसभा के लिए तय किए गए 'सवर्ण फॉर्मूले' के तहत वीडी शर्मा ने रजनीश अग्रवाल के नाम को आगे बढ़ाया, जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपनी पूरी सहमति देते हुए उन्हें सबसे उपयुक्त उम्मीदवार बताया।
यह पहला मौका नहीं है जब रजनीश अग्रवाल के नाम की चर्चा राज्यसभा के लिए हुई हो। इससे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद खाली हुई राज्यसभा सीट पर भी रजनीश अग्रवाल को भेजने की पूरी तैयारी थी और उनके नाम पर गहन मंथन हुआ था। हालांकि, ऐन वक्त पर दिल्ली आलाकमान के निर्देश पर जॉर्ज कुरियन का नाम फाइनल कर दिया गया था, जिसके कारण उन्हें थोड़ा इंतजार करना पड़ा।
रजनीश अग्रवाल ने अपनी इस कामयाबी पर खुशी और पार्टी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बेहद शालीनता से कहा यह केवल हमारी पार्टी (भाजपा) में ही संभव हो सकता है कि एक सामान्य से कार्यकर्ता को राज्यसभा जैसे उच्च सदन में भेजा जाए। मैं तो संकोचवश मुख्यमंत्री मोहन यादव से यह कहने तक नहीं जा पाया था कि मेरा ध्यान रखिएगा। यहां तक कि पिछले कई दिनों से प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से भी मुलाकात नहीं हो पाई थी। मैं पूरी पार्टी का आभारी हूं कि उन्होंने मुझ पर यह भरोसा जताया।
रजनीश अग्रवाल का भाजपा संगठन में काम करने का एक लंबा और मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। वीडी शर्मा के प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए उन्हें बूथ प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया। इसके बाद वे वीडी शर्मा की टीम में प्रदेश मंत्री भी बने।
इसके अलावा, रजनीश अग्रवाल का भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ भी पुराना और आत्मीय संबंध रहा है। रजनीश ने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि साल 2010 में जब नितिन नबीन मध्य प्रदेश भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश प्रभारी बनाए गए थे, तब जीतू जिराती प्रदेश अध्यक्ष थे और रजनीश खुद उनकी टीम में प्रदेश महामंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे।
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उन्होंने अपनी शादी का एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए बताया '15 दिसंबर 2011 को मेरी शादी थी। मैंने नितिन जी को निमंत्रण देते हुए मजाकिया लहजे में कहा था कि 'शादी में आप ही मुझे घोड़ी चढ़ाएंगे।' इस पर नितिन जी ने मुस्कुराते हुए वादा किया था कि वे शादी में जरूर आएंगे और उन्होंने अपना वादा निभाया भी था।' संगठन के प्रति उनकी इसी निष्ठा और वरिष्ठ नेताओं से मजबूत संबंधों का इनाम आज रजनीश अग्रवाल को राज्यसभा टिकट के रूप में मिला है।