MP Congress Protest: दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भोपाल स्थित राजभवन के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने किया। इस दौरान राजभवन के बाहर नारेबाजी कर रहे जीतू पटवारी सहित कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया।
धरने को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी पूरे देश के छात्रों की आवाज बुलंद कर रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने उन्हें हिरासत में लेकर यह संदेश दिया है कि वह छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि उनकी आवाज को दबाना चाहती है। उन्होंने कहा कि करोड़ों छात्रों के हितों की बात उठाने वाले नेता विपक्ष के साथ इस तरह का व्यवहार लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों के मुद्दों पर शांतिपूर्ण विरोध करने वालों के साथ दमनात्मक रवैया अपनाया जा रहा है। उनका कहना था कि यदि छात्र अपनी मांगों को लेकर मार्च करना चाहते हैं, तो उन्हें इसकी अनुमति मिलनी चाहिए और उनकी बात सुनी जानी चाहिए। कांग्रेस का आरोप है कि संसद के भीतर भी राहुल गांधी को अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया जा रहा है और संसद के बाहर विरोध करने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और अन्य पुलिस कार्रवाई की गई, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने सवाल उठाया कि जनता द्वारा चुनी गई सरकार और संसद को छात्रों की आवाज सुननी चाहिए, न कि बल प्रयोग के जरिए आंदोलन को दबाने का प्रयास करना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान जीतू पटवारी और कार्यकर्ताओं ने कहा कि चाहे गिरफ्तारियां हों या जेल भेजा जाए, छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे। इस दौरान "हर जोर जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है" और "न डरेंगे, न झुकेंगे" जैसे नारे भी लगाए गए।
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कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि छात्रों के भविष्य और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। पार्टी नेताओं ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता इस संघर्ष में पूरी ताकत से भाग लेगा और छात्रों के हितों की लड़ाई जारी रखेगा।