Pratima Bagri Caste Certificate Case: मध्य प्रदेश सरकार की राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने आरोप लगाया है कि सरकार अपनी मंत्री को बचाने के लिए जांच प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो कांग्रेस हाईकोर्ट और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।
प्रदीप अहिरवार ने कहा कि उन्होंने प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र की वैधता को लेकर तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि मामले की जांच कर रही छानबीन समिति पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है, जिससे निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी अन्य मंत्रियों के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात कर जांच समिति को प्रभावित करने का प्रयास कर रही हैं। उनका कहना है कि यदि सरकार के दबाव में जांच समिति कोई फैसला लेती है, तो यह अनुसूचित जाति वर्ग के संवैधानिक अधिकारों के साथ अन्याय होगा।
अहिरवार ने कहा कि कांग्रेस इस मामले में कानूनी और लोकतांत्रिक दोनों स्तरों पर लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला तो पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और आवश्यकता पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। इसके साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन भी करेंगे।
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उन्होंने मांग की कि जांच समिति को किसी भी प्रकार के राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखा जाए और उपलब्ध दस्तावेजों व साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय लिया जाए। उनका कहना है कि इससे न्यायिक प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर जनता का विश्वास कायम रहेगा। हालांकि, इस मामले में राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी या राज्य सरकार की ओर से कांग्रेस के आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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