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भोपाल

शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण के बदले नियम, रसूखदारों की बढ़ी मुश्किलें; जमीन कब्जे के मामलों पर होगी सीधी कार्रवाई

Arms License New Rules: एमपी में शस्त्र लाइसेंस पर कड़ा सुशासन, नवीनीकरण के लिए पटवारी रिपोर्ट अनिवार्य, जमीन विवाद या बिजली बिल बकाया होने पर निरस्त होगा आर्म्स लाइसेंस।

सजल रघुवंशी

MP Weapon License Renew Rules: अब शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण कराना रसूखदारों के लिए टेढ़ी खीर साबित होने वाला है। प्रशासन ने लाइसेंस नीति में बड़ा बदलाव करते हुए नवीनीकरण की प्रक्रिया को और अधिक सख्त बना दिया है। नए नियमों के तहत, अब लाइसेंस धारकों को जमीन विवादों और अन्य आपराधिक गतिविधियों के आधार पर परखा जाएगा।

प्रशासन द्वारा लागू किए गए नए नियमों के अनुसार, हर पांच साल में होने वाले लाइसेंस नवीनीकरण के लिए अब 'पटवारी सत्यापन' अनिवार्य कर दिया गया है। पटवारी अपनी विस्तृत रिपोर्ट में यह स्पष्ट करेंगे कि संबंधित व्यक्ति का किसी की जमीन पर अवैध कब्जे के प्रयास या किसी भी प्रकार के भूमि विवाद में तो कोई रिकॉर्ड नहीं है। यदि रिपोर्ट में रसूख का लाभ उठाकर जमीन कब्जाने जैसे मामले सामने आते हैं, तो लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई सुनिश्चित है।

दबाव में 'रसूखदार' लाइसेंस धारक

जिले में कुल 7,716 शस्त्र लाइसेंस दर्ज हैं। इनमें से 2,127 लाइसेंसधारकों को इसी साल अपना नवीनीकरण कराना है, जिन्हें अब इस सख्त सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसके अलावा, प्रशासन ने नजूल क्षेत्रों के उन 2,200 मामलों पर भी नजरें टिका दी हैं जो वर्तमान में तहसीलदार कोर्ट में लंबित हैं। यदि इन मामलों में कोई लाइसेंसधारक शामिल पाया गया, तो उसका शस्त्र लाइसेंस खतरे में पड़ सकता है।

स्पोर्ट्स कोटे और बिजली बिल पर भी प्रशासन की सख्ती

दरअसल, प्रशासन ने पहले ही स्पोर्ट्स कोटे से लिए गए लाइसेंसों की समीक्षा की है, जिसमें खेल गतिविधियों से वर्षों से दूर रहने वाले 40 लोगों के लाइसेंस पहले ही निरस्त किए जा चुके हैं। इसके अलावा जिले में 35 बड़े बिजली बकायादारों की सूची प्रशासन को सौंपी गई है यदि इन लोगों ने समय पर बकाया राशि जमा नहीं की, तो उनके शस्त्र लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।

आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई के अधिकार

आर्म्स एक्ट 1959 के प्रावधानों का हवाला देते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिला मजिस्ट्रेट के पास लाइसेंस जारी करने और निरस्त करने के पूर्ण अधिकार हैं। यदि किसी व्यक्ति का आचरण सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा बनता है या सत्यापन में कोई भी प्रतिकूल तथ्य सामने आता है, तो मजिस्ट्रेट लाइसेंस के नवीनीकरण पर रोक लगाने के साथ ही उसे निरस्त करने का आदेश भी दे सकते हैं।

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