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भोपाल

SIR में कट गया था नाम तो घबराएं नहीं...मध्य प्रदेश के वोटर 10 अक्टूबर तक फिर जुड़वा सकेंगे; जानें पूरा नियम

Madhya Pradesh SIR: MP में SIR के तहत वोटर लिस्ट से कटे नामों को वापस जुड़वाने के लिए राहत, अब 2003 के निवास रिकॉर्ड की अनिवार्यता खत्म, 10 अक्टूबर तक फॉर्म भरकर विशेष अभियान के तहत जुड़वा सकेंगे नाम।

सजल रघुवंशी

MP Voter List Revision Latest Update: मध्य प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से बाहर हुए पात्र लोगों के लिए राहत की खबर है। ऐसे मतदाता अब 10 अक्टूबर तक विशेष अभियान के तहत दोबारा नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। खास बात यह है कि अब 2003 में मतदाता या उसके परिवार के रहने की जानकारी देने वाला रिकॉर्ड और फॉर्म-6 या फॉर्म-8 के साथ अलग घोषणा पत्र देना अनिवार्य नहीं होगा।

इससे दूसरे शहर या राज्य में रोजगार के लिए गए लोगों, विवाह के बाद दूसरे स्थान पर गई महिलाओं और 2003 के रिकॉर्ड से मैपिंग नहीं हो पाने वाले मतदाताओं को राहत मिलेगी।

31.11 लाख नाम कटे, 12 लाख फिर जुड़े

एसआईआर की अंतिम मतदाता सूची में मध्य प्रदेश में कुल 5.71 करोड़ मतदाता थे। पुनरीक्षण के दौरान 31.11 लाख नाम सूची से बाहर हुए, जिसके बाद मतदाताओं की संख्या करीब 5.40 करोड़ रह गई। आपत्तियों और दावों के बाद अब तक करीब 12 लाख नाम दोबारा जोड़े जा चुके हैं। विशेष अभियान के दौरान करीब 5 लाख और नाम जुड़ने का अनुमान है। इसके बाद प्रदेश में मतदाताओं की संख्या लगभग 5.57 करोड़ तक पहुंच सकती है।

फॉर्म-6 से होगा आवेदन, BLO करेगा जांच

नाम कटने वाले पात्र मतदाता 10 अक्टूबर तक फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन बीएलओ से फॉर्म लेकर या वोटर सर्विस पोर्टल और ECI-Net ऐप के माध्यम से किया जा सकता है। इसके बाद बीएलओ दस्तावेजों की जांच करेगा और जरूरत पड़ने पर पते का सत्यापन भी करेगा। जांच में सब कुछ सही पाए जाने पर नाम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा। इसके लिए विशेष शिविर भी लगाए जा रहे हैं। किसी तरह की सहायता के लिए मतदाता हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क किया जा सकता है।

बाहर रहने वालों और युवाओं को भी राहत

इस अभियान का लाभ उन लोगों को मिल सकता है जो रोजगार के लिए दूसरे शहर या राज्य चले गए और एसआईआर के दौरान घर पर मौजूद नहीं थे। विवाह के बाद दूसरे स्थान पर चली गई महिलाओं के लिए भी यह प्रक्रिया राहत देगी। इसके अलावा 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवा भी आवेदन कर सकेंगे। नाम जुड़वाने के लिए मौजूदा पते का प्रमाण देना होगा। बैंक पासबुक, ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली बिल, गैस पासबुक या नगर निगम की प्रॉपर्टी रसीद जैसे दस्तावेज स्वीकार किए जा सकेंगे। आधार पहचान प्रमाण के तौर पर मान्य रहेगा।

पूरे प्रदेश में 8 लाख ऐसे मतदाना जिनकी 2003 के निवास रिकॉर्ड से मैपिंग नहीं हो पाई

भोपाल में 1,16,317 और पूरे प्रदेश में करीब 8 लाख मतदाता ऐसे बताए गए हैं, जिनकी 2003 के निवास रिकॉर्ड से मैपिंग नहीं हो पाई थी। अब ऐसे मतदाताओं को 2003 का रिकॉर्ड देने की जरूरत नहीं होगी। वे मौजूदा पते के प्रमाण के आधार पर नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

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