मिलावटी दूध और घी के खिलाफ कार्रवाई (फोटो सोर्स- नवभारत)
भोपाल

MP में बड़ी कार्रवाई: कहीं आप तो नहीं खा रहे हैं ये घी, 2234 सैंपल में 73 फेल, 3 खाद्य सुरक्षा अधिकारी निलंबित

MP Food Department Action : मध्य प्रदेश में दूध-घी और दुग्ध उत्पादों की जांच के लिए अभियान में 2234 सैंपल लिए गए। 73 फेल, 8 लाइसेंस सस्पेंड और तीन अधिकारी निलंबित हुए।

प्रीतेश जैन

MP Milk Ghee Adulteration : मध्य प्रदेश में दूध, घी और दूध से बने उत्पादों में मिलावटखोरी रोकने के लिए खाद्य एवं औषधि विभाग का प्रदेशव्यापी अभियान जारी है। 20 जुलाई से 10 अगस्त के बीच चलाए गए अभियान में विभाग ने दूध और दुग्ध उत्पादों के कुल 2234 सैंपल लिए। जांच के दौरान कई नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। विभाग की कार्रवाई से मिलावटखोरी करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री जब्त और जांच के दायरे में लाई गई है।

विभाग के अनुसार घी के कुल 27 सुरक्षित नमूनों में 13 भोपाल और 8 इंदौर से लिए गए हैं। वहीं कई ब्रांड और उत्पादों के नमूने असुरक्षित पाए गए हैं। भोपाल में द्वारकेश, शगुन, गोवर्धन, दानेदार, भूमि, धोलपुर फ्रेश और भूमि प्रीमियम प्योर के नमूने असुरक्षित मिले। इसके अलावा डिंडौरी के वास्तु और गोपी श्री तथा इंदौर के आठ नमूनों में भी मानकों का उल्लंघन पाया गया।

उज्जैन, दमोह और धार के नमूने भी फेल

खाद्य विभाग की जांच में उज्जैन के एसआईएमआई मिल्क देशी घी और दमोह-धार के एक-एक नमूने भी असुरक्षित पाए गए हैं। इंदौर में श्री सुधा प्रीमियम, गुमार प्योर, शुद्ध घी, गाय का घी और वास्तु एगमार्क देशी घी समेत कई उत्पाद जांच के दायरे में आए। असुरक्षित नमूने मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने संबंधित प्रतिष्ठानों और कंपनियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है।

44 हजार किलो से ज्यादा सामग्री की जांच

अभियान के दौरान लिए गए 2234 सैंपलों में 849 दूध, 106 मावा, 296 पनीर, 601 घी और 382 अन्य दुग्ध उत्पादों के नमूने शामिल हैं। विभाग के मुताबिक कुल 44 हजार 407 किलो खाद्य सामग्री की कीमत करीब 2.73 करोड़ रुपये है। जांच में 73 नमूने फेल पाए गए। इसके साथ ही आठ खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत 38 प्रकरण दर्ज किए गए। एक मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।

लापरवाही पर तीन अधिकारी तत्काल निलंबित

प्रदेशव्यापी अभियान की मंगलवार को आयुक्त/नियंत्रक खाद्य एवं सुरक्षा प्रशासन ने समीक्षा की। समीक्षा के दौरान अधिकारियों को सौंपे गए कार्यों और कार्रवाई की प्रगति की जानकारी ली गई। इस दौरान मुरैना के खाद्य सुरक्षा अधिकारी अवनीश गुप्ता, सागर की प्रीति राय और पन्ना के राजेश राय को अपने कार्य में लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया। इसके बाद तीनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

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42 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

समीक्षा के दौरान कार्रवाई में लापरवाही और अपेक्षित प्रगति नहीं होने को लेकर अन्य अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा गया है। विभिन्न जिलों के 42 उप संचालक, अभिहित अधिकारी और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत कारण बताओ नोटिस और स्पष्टीकरण जारी किए गए हैं। विभाग का कहना है कि प्रदेश में मिलावट के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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